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Hardoi: फर्जीवाड़ा कर बिजली चोरी कराने में जेई समेत तीन निलंबित, आटा चक्की में लगा मिला अनधिकृत ट्रांसफार्मर

Wed, 19 Jul 2023 12:08 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 19 Jul 2023 12:08 AM IST
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Hardoi: Three including JE suspended for stealing electricity by forgery
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

हरदोई जिले में फर्जीवाड़ा कर बिजली चोरी कराने में प्रथम दृष्टया शामिल पाए गए बिजली विभाग के एक अवर अभियंता और दो तकनीकी सहायकों (टीजी-2) को निलंबित कर दिया गया है। पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश भी दिए गए हैं। लंबे अर्से बाद हुई इस तरह की कार्रवाई से विभाग में खलबली है। बिजली चोरी रोकने के लिए जुलाई में विशेष जांच अभियान विभाग ने चलाया है।

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इसी दौरान आठ जुलाई को बिजली विभाग के अवर अभियंता प्रांजल श्रीवास्तव टीम के साथ अतरौली थाना क्षेत्र के एराकाकेमऊ गांव पहुंचे थे। यहां प्रताप सिंह के परिसर में आटा चक्की लगी हुई थी। आटा चक्की में अनधिकृत ट्रांसफार्मर और मीटर भी लगा मिला। इसमें 10 हॉर्स पावर की बिजली चोरी पकड़ी गई। इस मामले में टीजी-2 अखिलेश ने फर्जी सीलिंग प्रमाण पत्र भरकर हस्ताक्षर कर दिए। यहां लगे ट्रांसफार्मर और मीटर के सभी अभिलेखों में भी फर्जीवाड़ा मिला।

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अधिकांश अभिलेख चक्की मालिक प्रताप सिंह दिखा नहीं पाए, जबकि जो अभिलेख दिखाए वह जांच में फर्जी मिले। पूरे मामले में टीजी-2 अखिलेश और प्रदीप कुमार के साथ साथ तत्कालीन अवर अभियंता हरि प्रकाश श्रीवास्तव को भी निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की कार्रवाई मुख्य अभियंता विद्युत राजीव कुमार सिंह ने की है।

तो ऐसे चल रहा फर्जीवाड़ा
प्रताप सिंह के परिसर में बिजली मीटर लगा मिला। जब इसके अभिलेख मांगे गए, तो चक्की मालिक प्रताप सिंह अभिलेख नहीं दिखा पाए। उन्होंने जांच टीम को एक रसीद दिखाई, जोकि जांच में फर्जी मिली। इस मीटर की सीलिंग प्रमाण पत्र में भी फर्जीवाड़ा मिला। सीलिंग प्रमाण पत्र 28 अप्रैल 2022 का बना था, जिस पर अखिलेश टीजी-2 के हस्ताक्षर थे। पूछताछ में अखिलेश ने जांच अधिकारियों को बताया कि तत्कालीन टीजी-2 प्रदीप कुमार और तत्कालीन अवर अभियंता हरि प्रकाश श्रीवास्तव के आदेशों के अनुसार उक्त सीलिंग प्रमाण पत्र बनाया गया है। ऐसे में फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई है।

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