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Hardoi: फूल सिराने गईं ममेरी बहनों समेत तीन बच्चियां गंगा में डूबीं, दो की मौत
Sun, 06 Oct 2024 05:26 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 06 Oct 2024 05:26 PM IST
सार
यूपी के हरदोई जिले में नवरात्र के फूल सिराने के दौरान गंगा नदी में डूबने से दो बच्चियों की मौत हो गई। घटना बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के जरैला घाट की है।
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गंगा में डूबने से दो की मौत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ननिहाल आई बच्ची मामा की बेटी और उसकी सहेली के साथ नवरात्र के फूल सिराने के दौरान गंगा में डूब गईं। सहेली किसी तरह बाहर निकलने में कामयाब रही, लेकिन बच्ची और उसकी ममेरी बहन नदी में डूब गई। लगभग साढ़े पांच घंटे की मशक्कत के बाद दोनों के शव निकाले जा सके। शव मिलते ही दोनों के परिवारों में कोहराम मच गया। पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सांडी थाना क्षेत्र के मतनी गांव निवासी शिवराज की बेटी शिवांकी (6) तीन दिन पहले अपने ननिहाल बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के जरेला गांव गई थी। रविवार सुबह लगभग नौ बजे शिवांकी अपने मामा गुड्डू की पुत्री दिव्यांशी (6) और उसकी सहेली रुचि (10) के साथ पूजा के फूल विसर्जित करने के लिए गांव के पास से निकली गंगा नदी के जरैला घाट पर गई थी। नदी में उतरकर फूल विसर्जित करने के दौरान तीनों बच्चियां गहरे पानी में चली गईं। रुचि किसी तरह बाहर आ गई और उसने शोर मचाया।
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सांडी थाना क्षेत्र के मतनी गांव निवासी शिवराज की बेटी शिवांकी (6) तीन दिन पहले अपने ननिहाल बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के जरेला गांव गई थी। रविवार सुबह लगभग नौ बजे शिवांकी अपने मामा गुड्डू की पुत्री दिव्यांशी (6) और उसकी सहेली रुचि (10) के साथ पूजा के फूल विसर्जित करने के लिए गांव के पास से निकली गंगा नदी के जरैला घाट पर गई थी। नदी में उतरकर फूल विसर्जित करने के दौरान तीनों बच्चियां गहरे पानी में चली गईं। रुचि किसी तरह बाहर आ गई और उसने शोर मचाया।
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शोर सुनकर आसपास के लोगों ने नदी में छलांग लगा दी, लेकिन शिवांकी और दिव्यांशी का पता नहीं चला। कुछ ही देर में परिजन और पुलिस मौके पर पहुंच गए। आसपास के गांवों में रहने वाले गोताखोरों को बुलवाकर नदी में उतारा गया। दोपहर लगभग ढाई बजे शिवांकी और दिव्यांशी के शव नदी से बरामद किए गए। दोनों के शव मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। कोतवाल उमाकांत दीपक ने बताया कि दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेेजा गया है।
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हरियाणा में घटना का पता चलने पर बदहवास हुए दोनों के पिता
दिव्यांशी के पिता गुड्डू शिवांकी के पिता शिवराज के साले हैं। दोनों हरियाणा में एक साथ रहकर एक फैक्टरी में काम करते हैं। घटना की जानकारी उन्हें फोन पर दी गई तो दोनों बदहवास हो गए। उनके आसपास मौजूद मजदूरों ने दोनों को संभाला और घर जाने के लिए प्राइवेट वाहन की व्यवस्था कर रवाना किया। दिव्यांशी पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर की और शिवांकी चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर की थी।
दिव्यांशी के पिता गुड्डू शिवांकी के पिता शिवराज के साले हैं। दोनों हरियाणा में एक साथ रहकर एक फैक्टरी में काम करते हैं। घटना की जानकारी उन्हें फोन पर दी गई तो दोनों बदहवास हो गए। उनके आसपास मौजूद मजदूरों ने दोनों को संभाला और घर जाने के लिए प्राइवेट वाहन की व्यवस्था कर रवाना किया। दिव्यांशी पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर की और शिवांकी चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर की थी।