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Hardoi: हर बरस मेले छोड़िए... कारगिल में 17 दुश्मनों को मारने वाले बलिदानी आबिद की कब्र को नहीं मिले 17 फूल

Mon, 27 Jul 2026 07:37 AM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला,हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,हरदोई Published by: प्रसून शुक्ला Updated Mon, 27 Jul 2026 07:37 AM IST
सार

Hardoi News: कारगिल विजय दिवस पर देशभर में शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई, लेकिन हरदोई के पाली नगर में कारगिल युद्ध के वीर बलिदानी लांस नायक आबिद खां की कब्र पर इस बार प्रशासन और पुलिस का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।

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कारगिल शहीद आबिद - फोटो : amar ujala

विस्तार

"शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा..." ये पंक्तियां कारगिल विजय दिवस पर हरदोई जिले के पाली नगर में आकर बेमानी साबित हुईं। कारगिल युद्ध के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए 17 दुश्मनों को मौत के घाट उतारकर बलिदान हुए लांस नायक आबिद खां को कारगिल विजय दिवस पर श्रद्धांजलि देने न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी पहुंचा और न ही सत्ताधारी दल का कोई प्रतिनिधि। पिछले 26 वर्षों से चली आ रही परंपरा इस बार अचानक टूट जाने से स्थानीय लोगों और पूर्व सैनिकों में गहरी नाराजगी और दुख व्याप्त है।

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17 दुश्मनों को ढेर कर एक जुलाई 1999 को हुए थे बलिदान

हरदोई के पाली नगर निवासी आबिद खां भारतीय सेना में लांस नायक के पद पर तैनात थे। 01 जुलाई 1999 को कारगिल युद्ध के दौरान वह अदम्य शौर्य का प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तानी सेना का निशाना बने थे। शहादत से पहले उन्होंने अकेले ही दुश्मन सेना के 17 सैनिकों को ढेर कर दिया था।

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जब उनका पार्थिव शरीर पाली लाया गया था, तब हरदोई ही नहीं बल्कि शाहजहांपुर और फर्रुखाबाद जिलों से भी हजारों लोग नमन करने पहुंचे थे। पाली नगर स्थित उनकी मजार/कब्र पर हर साल कारगिल विजय दिवस पर जिला व पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी श्रद्धा सुमन अर्पित करने पहुंचते रहे हैं।

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अफसरों की अनदेखी से टूटी परंपरा

शहीद के भाई और नगर पंचायत सभासद नासिर खां ने बताया कि इस बार विजय दिवस पर कोई भी प्रशासनिक या पुलिस अधिकारी शहीद को नमन करने नहीं पहुंचा। हालांकि, समाजवादी पार्टी के निवर्तमान जिला उपाध्यक्ष रहमत अली, सैनिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद, महासचिव राजीव सिंह और सेवानिवृत्त फौजी खालिद ने कब्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा फर्रूखाबाद से आई पूर्व सैनिकों की एक टोली ने भी शहीद आबिद खां को नमन किया।

एसडीएम ने दी सफाई, जल्द श्रद्धांजलि देने का दिया आश्वासन

मामले में सवायजपुर के उपजिलाधिकारी अंकित तिवारी ने बताया कि उनकी तैनाती हाल ही में हुई है और उन्हें बलिदानी के विषय में पूर्व में जानकारी नहीं दी गई थी। मातहतों या नगर पंचायत की ओर से भी इस संबंध में कोई सूचना नहीं मिली थी। उन्होंने कहा कि लांस नायक आबिद खां की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता और वह जल्द ही पाली पहुंचकर शहीद की मजार पर श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे।

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