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Hardoi Crime: शिक्षक का अपहरण कर मांगी 30 लाख की फिरौती, बाग में इस हालत में मिले, जांच में जुटी पुलिस

Tue, 13 Feb 2024 06:00 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 13 Feb 2024 06:00 PM IST
सार

यूपी के हरदोई में शिक्षक का अपहरण कर फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई।

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Hardoi Crime: Kidnapped teacher and demanded ransom of Rs 30 lakh
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हरदोई जिले में संदिग्ध हालात में सोमवार रात एक प्राथमिक विद्यालय के सहायक शिक्षक लापता हो गए। रात में लगभग 12 बजे उनकी मां के पास 30 लाख रुपये फिरौती देने के लिए कॉल पहुंची, तो खलबली मच गई। देर रात ही अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी के नेतृत्व में पुलिस शिक्षक की तलाश करती रही। मंगलवार सुबह शिक्षक एक बाग में पड़े मिले, जबकि उनकी बाइक भौराजपुर मार्ग पर मिली। पुलिस पूरे मामले को लेकर शिक्षक से पूछताछ कर रही है।
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सांडी कस्बे के मोहल्ला नवाबगंज निवासी हर्षित शर्मा उर्फ लकी (31) संविलियन विद्यालय महितापुर में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं। उनकी बहन समीक्षा शर्मा ने सोमवार देर रात पुलिस को दी तहरीर में बताया कि रात आठ बजे हर्षित बाइक से घर से निकले थे और देर रात तक वापस नहीं आए। हर्षित के मोबाइल से रात में 12 बजे उनकी मां के पास किसी की कॉल आई और 30 लाख रुपये की फिरौती लकी को छोड़ने के एवज में मांगी।
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इसकी जानकारी पुलिस को हुई तो रात में ही अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र क्राइम ब्रांच, सर्विलांस और एसओजी के साथ मौके पर पहुंच गए। देर रात लकी की बाइक पुलिस को भौराजपुर मार्ग पर पड़ी मिली। मंगलवार सुबह एसपी केसी गोस्वामी ने परिजनों से जानकारी ली। बाइक मिलने के स्थान का जायजा भी लिया।
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उधर, सुबह लगभग 9.30 बजे लकी ने ही अपने परिजनों को फोन कर लाहौरी पुरवा के निकट एक बाग में पड़े होने की जानकारी दी। इस पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंच गए। मौके पर रस्सी से लकी के हाथ-पैर बंधे मिले। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी लकी को साथ लेकर चले गए। अपर पुलिस अधीक्षक नृपेंद्र ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच में अपहरण जैसी किसी बात की पुष्टि नहीं हो पा रही है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।

शिक्षक पर है 33 लाख का कर्ज, बदलते रहे बयान
सहायक अध्यापक हर्षित शर्मा उर्फ लकी के सकुशल मिल जाने के बाद परिजनों और पुलिस ने राहत की सांस ली है, लेकिन घटना की तह तक पहुंचने की कोशिश में पुलिस कई बिंदुओं पर अटकी है। दरअसल पुलिस को विवेचना में कई ऐसे महत्वपूर्ण तथ्य मिले हैं जिनसे पुलिस मान रही कि अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि योजना के तहत पूरा खेल रचा गया था। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र कुमार बताते हैं कि हर्षित शर्मा की सांडी में एक हॉर्डवेयर की दुकान भी है। पूर्व में हर्षित ब्याज पर रुपये देने का कारोबार गुपचुप ढंग से करता था, लेकिन बाद में दूसरों से कर्ज लेकर भी ब्याज पर रुपये देना शुरू कर दिया।

प्राथमिक जांच में पता चला है कि लकी पर 33 लाख रुपये का कर्ज है। इसके अलावा लकी के नशे का आदी होने की जानकारी भी पुलिस को मिली है। पूछताछ के दौरान लकी ने पुलिस को बताया कि बाइक से आठ बजे वह भौराजपुर स्थित एक मुर्गा फॉर्म गए थे। मुर्गा फॉर्म पहुंची पुलिस को यहां शराब की खाली बोतलें और पाउच भी मिले हैं। पुलिस ने जब लकी से पूछताछ शुरू की तो हर पल वह बयान बदलता रहा। यही वजह है कि पुलिस भी अभी उलझी हुई है।

यह बताई वारदात
पुलिस को लकी ने बताया कि रात में आठ बजे वह बाइक से घर से निकला था। सांडी में बिलग्राम चुंगी पर उसने एक परचून की दुकान पर मसाला खरीदा। इसके बाद भौराजपुर स्थित अपने दोस्त के मुर्गा फार्म गया। देर रात मुर्गा फार्म से वापस घर जा रहा था। रास्ते में एक पिकप ने उसे ओवरटेक किया। पिकप से एक आदमी उतरा और बाइक छीन ली। उसे पिकप में बैठा दिया। कुछ दूर आगे चलकर उसने बाइक सड़क पर डाल दी और पिकप पर बैठ गया। इसके बाद की जानकारी उसे नहीं है।
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