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Hardoi News: माध्यमिक शिक्षकों ने की पुरानी पेंशन को लागू करने की मांग
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फोटो-23- जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अरविंद कुमार पाठक को ज्ञापन देते शिक्षक महासभा के पदाधिका
हरदोई। अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा व अल्पसंख्यक शिक्षक महासभा की ओर से बुधवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली सहित 25 सूत्री मांगों का ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपा।
जिलाध्यक्ष राजदेव सिंह ने ज्ञापन में बताया कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम 2023 में संशोधन कर माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड 1982 की धारा 12, 18 एवं 21 के प्रावधानों को पुनः सम्मिलित किया जाए। अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए, सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों का राजकीयकरण किया जाए, शिक्षकों को प्रधानाचार्य पदों पर आरक्षण लागू करने, बीपीएड को बीएड के समकक्ष मानने, पदोन्नति व वरिष्ठता सूची को ऑनलाइन करने और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों में भी आरक्षण व्यवस्था लागू करने की मांग रखी।
कैशलेस चिकित्सा सुविधा ओपीडी स्तर पर मिले, मूल्यांकन व परीक्षा ड्यूटी पारिश्रमिक सीबीएसई बोर्ड के समान दिया जाए, तदर्थ शिक्षकों का आरक्षण नियमों का पालन करते हुए तदर्थ अध्यापकों व प्रधानाचार्यों का तत्काल विनियमितीकरण हो। नई शिक्षा नीति के तहत विद्यालयों में प्रतिदिन एक घंटे अतिरिक्त शिक्षण कार्य और सप्ताह में पांच दिन कक्षाएं संचालित करने की नीति लागू की जाए।
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उन्होंने कहा कि महासभा की इन न्यायसंगत मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो शिक्षक उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ अरविंद कुमार पाठक ने स्थानीय समस्याओं का निदान कराने और उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। महामंत्री नेमपाल सिंह, कोषाध्यक्ष शंकर लाल, संरक्षक हरिश्चंद्र गौतम, विवेक सिंह, विजय कुमार, जैनुल खान सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष राजदेव सिंह ने ज्ञापन में बताया कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम 2023 में संशोधन कर माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड 1982 की धारा 12, 18 एवं 21 के प्रावधानों को पुनः सम्मिलित किया जाए। अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए, सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों का राजकीयकरण किया जाए, शिक्षकों को प्रधानाचार्य पदों पर आरक्षण लागू करने, बीपीएड को बीएड के समकक्ष मानने, पदोन्नति व वरिष्ठता सूची को ऑनलाइन करने और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों में भी आरक्षण व्यवस्था लागू करने की मांग रखी।
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कैशलेस चिकित्सा सुविधा ओपीडी स्तर पर मिले, मूल्यांकन व परीक्षा ड्यूटी पारिश्रमिक सीबीएसई बोर्ड के समान दिया जाए, तदर्थ शिक्षकों का आरक्षण नियमों का पालन करते हुए तदर्थ अध्यापकों व प्रधानाचार्यों का तत्काल विनियमितीकरण हो। नई शिक्षा नीति के तहत विद्यालयों में प्रतिदिन एक घंटे अतिरिक्त शिक्षण कार्य और सप्ताह में पांच दिन कक्षाएं संचालित करने की नीति लागू की जाए।
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उन्होंने कहा कि महासभा की इन न्यायसंगत मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो शिक्षक उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ अरविंद कुमार पाठक ने स्थानीय समस्याओं का निदान कराने और उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। महामंत्री नेमपाल सिंह, कोषाध्यक्ष शंकर लाल, संरक्षक हरिश्चंद्र गौतम, विवेक सिंह, विजय कुमार, जैनुल खान सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।