{"_id":"5f7ace7187700e5397039f96","slug":"hamirpur-survived-from-dengue-died-in-depression-woman-hanged-from-neem-tree-in-animal-farm","type":"story","status":"publish","title_hn":"हमीरपुर: डेंगू से बची तो डिप्रेशन में गई जान, पशुबाड़े में नीम के पेड़ से फांसी पर लटकी मिली महिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हमीरपुर: डेंगू से बची तो डिप्रेशन में गई जान, पशुबाड़े में नीम के पेड़ से फांसी पर लटकी मिली महिला
Mon, 05 Oct 2020 01:19 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 05 Oct 2020 01:19 PM IST
विज्ञापन
घटनास्थल पर मौजूद पुलिस
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर के राठ में बीते 6 माह से डिप्रेशन में चल रही महिला ने पशुबाड़े में पेड़ से रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। जब तक परिजनों को जानकारी हुई तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
मझगवां थाने के कुल्हैडा गांव निवासी गायत्री देवी (48) पत्नी बृजेंद्र सिंह राजपूत सोमवार सुबह पांच बजे पशुबाड़े में कामकाज देखने गई थी। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजनों को चिंता हुई।
परिजन उसे खोजते हुए पशुबाड़े पहुंचे। जहां नीम के पेड़ पर रस्सी फांसी पर झूलता महिला का शव मिला। परिजनों का कहना है कि कोरोनाकाल की शुरुआत से महिला डिप्रेशन में चल रही है।
विज्ञापन
हालांकि उनके परिवार में किसी को कोरोना नहीं हुआ। फिर भी दहशत में मानसिक परेशान रहती थी। इस समय गांव में डेंगू का प्रकोप भी फैला है। 16 दिन पहले मृतका गायत्री, पति बृजेंद्र सिंह व दोनों बच्चों रविकांत तथा श्रीकांत डेंगू की चपेट में आ गए थे।
झांसी में 10 दिन तक भर्ती रहे थे। उपचार के बाद चारों स्वस्थ्य होकर 6 दिन पहले ही वापस घर लौटे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
विज्ञापन
मझगवां थाने के कुल्हैडा गांव निवासी गायत्री देवी (48) पत्नी बृजेंद्र सिंह राजपूत सोमवार सुबह पांच बजे पशुबाड़े में कामकाज देखने गई थी। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजनों को चिंता हुई।
विज्ञापन
परिजन उसे खोजते हुए पशुबाड़े पहुंचे। जहां नीम के पेड़ पर रस्सी फांसी पर झूलता महिला का शव मिला। परिजनों का कहना है कि कोरोनाकाल की शुरुआत से महिला डिप्रेशन में चल रही है।
विज्ञापन
हालांकि उनके परिवार में किसी को कोरोना नहीं हुआ। फिर भी दहशत में मानसिक परेशान रहती थी। इस समय गांव में डेंगू का प्रकोप भी फैला है। 16 दिन पहले मृतका गायत्री, पति बृजेंद्र सिंह व दोनों बच्चों रविकांत तथा श्रीकांत डेंगू की चपेट में आ गए थे।
झांसी में 10 दिन तक भर्ती रहे थे। उपचार के बाद चारों स्वस्थ्य होकर 6 दिन पहले ही वापस घर लौटे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।