{"_id":"6398bcd8e4bc5775e90f6110","slug":"hamirpur-seven-accused-convicted-in-21-year-old-murder-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur: 21 साल पुराने हत्या के मामले में सात आरोपी दोषी करार, दोनों पक्षों के 5 लोगों को किया गया दोषमुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur: 21 साल पुराने हत्या के मामले में सात आरोपी दोषी करार, दोनों पक्षों के 5 लोगों को किया गया दोषमुक्त
Tue, 13 Dec 2022 11:32 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 13 Dec 2022 11:32 PM IST
विज्ञापन
(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर जिले में हत्या के 21 साल पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फौजदारी चंद्रभान सिंह की अदालत ने सात आरोपियों को दोषी करार दिया है। वहीं, साक्ष्यों के आधार पर दोनों पक्षों के पांच लोगों को दोषमुक्त किया है। अदालत गुरुवार को सजा सुनाएगी। सुमेरपुर थानाक्षेत्र के इंगोहटा निवासी वादी योगेंद्र कुमार दीक्षित ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी व गांव के अशोक निगम, राजीव निगम, सोम निगम व सत्तीदीन कोरी से रंजिश चली आ रही है।सात अगस्त 2001 की शाम साढ़े छह बजे वह व उसके बड़े भाई महंत राम मनोहर दास, रामकिशोर दीक्षित, दिलीप कुमार, राजन दीक्षित, कल्लू दीक्षित व पुत्री मनीषा व प्रतीक्षा अपने खलिहान से घर को आ रहे थे।
लुखरू कहार के मकान के पास गांव के अशोक निगम, शिक्षक राजीव निगम, एडवोकेट सोम निगम, सत्तीदीन कोरी, मलखान प्रजापति, देवेंद्र दीक्षित, फणींद्र दीक्षित, मुनव्वर, सुरेश व रमेश विश्वकर्मा सामने आ गए। तमंचा, बंदूक व फरसा लेकर एक राय होकर गालीगलौज करते हुए जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ फायर करके उसके चचेरे भाई कल्लू दीक्षित की हत्या कर दी।
अन्य को फरसे व गोली मारकर घायल कर दिया। बताया कि सभी आरोपी जान माल की धमकी देते हुए अशोक निगम के दरवाजे से अंदर घुसकर पीछे के दरवाजे से निकलकर भाग गए। पुलिस ने 10 आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था।
विज्ञापन
दूसरे पक्ष के वादी मनीराम प्रजापति ने पुलिस को दी तहरीर में सात अगस्त 2001 को उसका भाई मलखान अशोक निगम के घर से काम करके घर आ रहा था। तभी बच्चू लोहार के मकान के पास आरोपी महंत राम मनोहर दीक्षित, रामकिशोर दीक्षित, योगेंद्र दीक्षित व कल्लू दीक्षित लाठी डंडों से उसके भाई को मारपीट करने लगे। बताया कि जिस पर उसके भाई को गंभीर चोटें आई हैं। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनीराम बुंदेला व जगदीश अनुरागी ने बताया कि अदालत ने सात आरोपियों अशोक निगम, राजीव निगम, सत्तीदीन कोरी, देवेंद्र दीक्षित, मुनव्वर, सुरेश व रमेश विश्वकर्मा, को दोषी करार दिया है। वहीं
आरोपी एडवोकेट सोम निगम व फणींद्र दीक्षित को दोषमुक्त किया है। वहीं दूसरे पक्ष के महंत राम मनोहर दीक्षित, रामकिशोर व योगेंद्र दीक्षित को दोषमुक्त किया है। बताया कि 15 दिसंबर को अदालत फैसला सुनाएगी।
तीनों सगे भाइयों ने दोषमुक्त होने पर जताई खुशी
महंत राम मनोहर दीक्षित ने बताया कि घटना में उनके समेत तीनों भाइयों राम किशोर व योगेंद्र को गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें गलत फंसाया गया था, अदालत पर भरोसा था जिसका परिणाम सामने हैं। दूसरे पक्ष के दोषमुक्त हुए अधिवक्ता सोम निगम ने कहा कि उन्हें गलत फंसाया गया था। उनके दरवाजे पर लोगों ने मारपीट कर उनके ही नौकर मलखान की हत्या की थी। कहा कि फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
विज्ञापन
लुखरू कहार के मकान के पास गांव के अशोक निगम, शिक्षक राजीव निगम, एडवोकेट सोम निगम, सत्तीदीन कोरी, मलखान प्रजापति, देवेंद्र दीक्षित, फणींद्र दीक्षित, मुनव्वर, सुरेश व रमेश विश्वकर्मा सामने आ गए। तमंचा, बंदूक व फरसा लेकर एक राय होकर गालीगलौज करते हुए जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ फायर करके उसके चचेरे भाई कल्लू दीक्षित की हत्या कर दी।
विज्ञापन
अन्य को फरसे व गोली मारकर घायल कर दिया। बताया कि सभी आरोपी जान माल की धमकी देते हुए अशोक निगम के दरवाजे से अंदर घुसकर पीछे के दरवाजे से निकलकर भाग गए। पुलिस ने 10 आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था।
विज्ञापन
दूसरे पक्ष के वादी मनीराम प्रजापति ने पुलिस को दी तहरीर में सात अगस्त 2001 को उसका भाई मलखान अशोक निगम के घर से काम करके घर आ रहा था। तभी बच्चू लोहार के मकान के पास आरोपी महंत राम मनोहर दीक्षित, रामकिशोर दीक्षित, योगेंद्र दीक्षित व कल्लू दीक्षित लाठी डंडों से उसके भाई को मारपीट करने लगे। बताया कि जिस पर उसके भाई को गंभीर चोटें आई हैं। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनीराम बुंदेला व जगदीश अनुरागी ने बताया कि अदालत ने सात आरोपियों अशोक निगम, राजीव निगम, सत्तीदीन कोरी, देवेंद्र दीक्षित, मुनव्वर, सुरेश व रमेश विश्वकर्मा, को दोषी करार दिया है। वहीं
आरोपी एडवोकेट सोम निगम व फणींद्र दीक्षित को दोषमुक्त किया है। वहीं दूसरे पक्ष के महंत राम मनोहर दीक्षित, रामकिशोर व योगेंद्र दीक्षित को दोषमुक्त किया है। बताया कि 15 दिसंबर को अदालत फैसला सुनाएगी।
तीनों सगे भाइयों ने दोषमुक्त होने पर जताई खुशी
महंत राम मनोहर दीक्षित ने बताया कि घटना में उनके समेत तीनों भाइयों राम किशोर व योगेंद्र को गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें गलत फंसाया गया था, अदालत पर भरोसा था जिसका परिणाम सामने हैं। दूसरे पक्ष के दोषमुक्त हुए अधिवक्ता सोम निगम ने कहा कि उन्हें गलत फंसाया गया था। उनके दरवाजे पर लोगों ने मारपीट कर उनके ही नौकर मलखान की हत्या की थी। कहा कि फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।