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हमीरपुर: यमुना नदी में फिर मिला अधजला शव, पुलिस ने नगर पालिका कर्मियों की मदद से कराया अंतिम संस्कार
Tue, 22 Jun 2021 07:16 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 22 Jun 2021 07:16 PM IST
सार
कोरोना महामारी के दौरान अधिकांश लोग शवों को नदियों में जल प्रवाहित कर उनका अंतिम संस्कार कर रहे थे। जिससे इनकी संख्या में खासा इजाफा हुआ था।
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युमना में फिर मिला शव, पुलिस ने कराया अंतिम संस्कार
- फोटो : amar ujala
विस्तार
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में काफी समय बाद मंगलवार को फिर शहर से निकली यमुना नदी में एक अधजला शव उतराता दिखा। लोगों ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का नगर पालिका कर्मियों की मदद से अंतिम संस्कार कराया।
कोरोना महामारी के दौरान अधिकांश लोग शवों को नदियों में जल प्रवाहित कर उनका अंतिम संस्कार कर रहे थे। जिससे इनकी संख्या में खासा इजाफा हुआ था। नदियों में शवों के जल प्रवाहित किए जाने पर रोक लगाने और नदियों की निगरानी के लिए एसडीआरएफ को लगाया गया था।
मई में एसडीआरएफ की टीम शहर में दो सप्ताह तक डेरा जमाए रही और यमुना और बेतवा नदियों में मोटरबोट से गश्त की। इस दौरान टीम ने अलग-अलग दिनों करीब सात अधजले शवों को बरामद कर उनका अंतिम संस्कार कराया। इधर कोरोना महामारी की रफ्तार धीमी पड़ने पर एसडीआरएफ की टीम भी चली गई।
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अभी तक सब ठीक चल रहा था। मंगलवार को मेरापुर में बने आश्रम के किनारे यमुना नदी में एक शव उतराता नजर आया। लोगों ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। जिस पर दरोगा मनोज पांडेय मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को नगर पालिका कर्मियों की मदद से नदी किनारे अंतिम संस्कार करवा दिया। कोतवाल मनोज कुमार शुक्ला ने बताया एक अधेड़ पुरुष का अधजला शव को नदी उस पार से बहकर इस ओर आ गया था। बताया शव का अंतिम संस्कार करवाया गया है।
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कोरोना महामारी के दौरान अधिकांश लोग शवों को नदियों में जल प्रवाहित कर उनका अंतिम संस्कार कर रहे थे। जिससे इनकी संख्या में खासा इजाफा हुआ था। नदियों में शवों के जल प्रवाहित किए जाने पर रोक लगाने और नदियों की निगरानी के लिए एसडीआरएफ को लगाया गया था।
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मई में एसडीआरएफ की टीम शहर में दो सप्ताह तक डेरा जमाए रही और यमुना और बेतवा नदियों में मोटरबोट से गश्त की। इस दौरान टीम ने अलग-अलग दिनों करीब सात अधजले शवों को बरामद कर उनका अंतिम संस्कार कराया। इधर कोरोना महामारी की रफ्तार धीमी पड़ने पर एसडीआरएफ की टीम भी चली गई।
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अभी तक सब ठीक चल रहा था। मंगलवार को मेरापुर में बने आश्रम के किनारे यमुना नदी में एक शव उतराता नजर आया। लोगों ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। जिस पर दरोगा मनोज पांडेय मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को नगर पालिका कर्मियों की मदद से नदी किनारे अंतिम संस्कार करवा दिया। कोतवाल मनोज कुमार शुक्ला ने बताया एक अधेड़ पुरुष का अधजला शव को नदी उस पार से बहकर इस ओर आ गया था। बताया शव का अंतिम संस्कार करवाया गया है।