UP: दोहरा हत्या व आत्महत्या कांड! हैवान पिता से 10 मिनट तक भिड़ी रहीं बेटियां, यूं बचाई खुद की और भाई की जान
Hamirpur Crime: मृतका अनुसुइया की बेटी केबीसी ने बताया मृतक पिता ओमप्रकाश मां व बच्चों के साथ आए दिन मारपीट करता था। मां पर अत्याचार होते देख लोदीपुर गांव निवासी नाना नंदकिशोर मदद के लिए घर आते रहते थे।
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हमीरपुर जिले में राठ कोतवाली क्षेत्र के पठानपुरा मोहल्ला लीलावती नगर में पत्नी व ससुर की हत्या के बाद हत्यारोपी पुत्र का गला दबाने लगा। भाई को बचाने के लिए दो बेटियां हत्यारे पिता से जूझ गई। किसी तरह उसे धक्का मारकर गिराने के बाद अपने भाई को लेकर मौके से भाग निकलीं व पुलिस को सूचना दी।
लीलावती नगर निवासी ओमप्रकाश ने रविवार तड़के करीब ढाई बजे पत्नी अनुसुइया व ससुर नंदकिशोर की हत्या कर दी। वहीं पुत्र प्रिंस (10) का गला दबाकर हत्या करने का प्रयास किया। पिता द्वारा भाई का गला दबाते देख केबीसी (16) व जूली (12) हत्यारे पिता से जूझ गईं।
दोहरे हत्या व आत्महत्या कांड की सूचना पर पुलिस महकमे में खलबली मच गई
करीब दस मिनट के प्रयास के बाद पिता ओमप्रकाश को धक्का मारकर गिराने में कामयाब हो गईं और भाई प्रिंस को साथ लेकर मौके से भाग निकलीं। केबीसी ने फोन कर पुलिस को मामले की सूचना दी। दोहरे हत्या व आत्महत्या कांड की सूचना पर पुलिस महकमे में खलबली मच गई। फोरेंसिंक टीम ने घटना स्थल पर पहुंच कर जांच पड़ताल की। एसपी डॉ. दीक्षा शर्मा ने बच्चों से मामले की जानकारी ली।
आठ अक्तूबर को पत्नी ने लिखाया मुकदमा
मृतका अनुसुइया ने आठ अक्तूबर की सुबह करीब साढ़े सात बजे कोतवाली पहुंचकर पति ओमप्रकाश व सास रामदेवी पर गालीगलौज व उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। एक दिन पहले पुलिस में शिकायत करने पर पति ने ईंटों से मारपीट की, जिससे उसके सिर में चोट आई थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी पति के खिलाफ मारपीट व गालीगलौज का मामला दर्ज कर लिया था। इसी घटना के बाद आरोपी मृतक पति अपने गांव जाकर रहने लगा।
बेसहारा पुत्री की मदद करने में मिली मौत
मृतका अनुसुइया की बेटी केबीसी ने बताया मृतक पिता ओमप्रकाश मां व बच्चों के साथ आए दिन मारपीट करता था। मां पर अत्याचार होते देख लोदीपुर गांव निवासी नाना नंदकिशोर मदद के लिए घर आते रहते थे। मृतक नंदकिशोर का एक पुत्र गुड्डन है। मृतका अनुसइया उनकी इकलौती पुत्री थी। उनके नाम पर 10 बीघा कृषि भूमि है। खेती से उपज होने पर परिवार का भरण पोषण करने के साथ ही पुत्री की भी आर्थिक मदद करते थे। बताया तीन दिन पहले ही मकान निर्माण के कार्य में सहयोग करने आए थे। मौत पर पत्नी कला व पुत्र गुड्डन का रो-रोकर बुरा हाल है।
आग से झुलसने के बाद भाग निकले प्रधानाध्यापक
मृतकों के घर में उनके गांव पहाड़ी भिटारी निवासी रतनलाल अहिरवार घटना की रात रुका था। वह गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक है। जब हत्यारोपी ओमप्रकाश पत्नी के शव को जला रहा था। उस समय रतनलाल भी आग से झुलस गया। उसने बताया कि ओमप्रकाश के कहने पर वह मृतका अनुसुइया को समझाने व राजीनामा की बात करने गया था। आरोपी के सिर पर खून सवार देख गंभीर रूप से झुलसने के बाद वह खेतों की ओर भाग निकला। वहीं मृतक ओमप्रकाश के भाई जितेंद्र कुमार ने रतनलाल की नीयत पर सवाल खड़े किए हैं।
112 पर फोन नहीं लगा तो 1090 पर दी सूचना
केबीसी ने बताया आंख खुलने पर देखा पिता के सिर पर खून सवार है। मां का जला हुआ शव देख उसके होश उड़ गए। बताया तत्काल 112 नंबर पर फोन किया पर फोन कनेक्ट नहीं हुआ। बताया करीब 25 मिनट बाद 1090 पर फोन लगाया। जिसके बाद मौके पर यूपी 112 पुलिस पहुंची। बताया यदि तुरंत यूपी 112 पुलिस से संपर्क हो जाता तो उसके पिता व नाना की जान बच सकती थी।
सुनसान इलाके का मिला हत्यारोपी को लाभ
शहर के पठानपुरा मोहल्ले में लीलावती नाम से नई बस्ती है। जहां अभी मकान बनते जा रहे हैं। मृतकों का जिस जगह मकान है। उसके आसपास सुनसान इलाका है। हत्यारोपी व मृतक ओमप्रकाश को इसका भरपूर लाभ मिला। वह आराम से वारदात को अंजाम देता रहा। वहां चीख-पुकार सुनकर मदद के लिए पहुंचने वाला कोई नहीं था। मृतक ओमप्रकाश के सिर पर खून सवार था। किसी तरह तीन बच्चों ने हिम्मत दिखाई और उनकी जान बच गई।
अनाथ हुए बच्चे
माता पिता की मौत के बाद तीन बच्चे अनाथ हो गए। ओम प्रकाश व अनुसुइया का पुत्र प्रिंस (10), केबीसी (16) व जूली (12) की देखभाल करने वाला कोई बचा नहीं है। मौजूदा में तीनों बच्चे कोतवाली में मौजूद है।