{"_id":"62c964af9697ff5a21288f8a","slug":"hamirpur-bundelas-wrote-a-letter-with-blood-regarding-the-demand-for-water","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur: पानी की मांग को लेकर बुंदेलों ने खून से लिखा खत, समस्या को लेकर 13 दिन से चल रहा अनशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur: पानी की मांग को लेकर बुंदेलों ने खून से लिखा खत, समस्या को लेकर 13 दिन से चल रहा अनशन
Sat, 09 Jul 2022 04:53 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 09 Jul 2022 04:53 PM IST
सार
यूपी के हमीरपुर जिले में पेयजल संकट की समस्या बनी हुई है। पेयजल संकट को लेकर युवाओं ने जल संस्थान विभाग सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को खून से खत लिखकर आवाज बुलंद की।
विज्ञापन
खून से खत लिखकर पानी मांगते अनशनकारी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हमीरपुर जिले के मौदहा कस्बा में आधा दर्जन से अधिक मोहल्लों में पेयजल संकट को लेकर बीते एक पखवाड़े से जल संस्थान में चल रहे अनशन के तेहरवें दिन अनशनकारियों याकूब गडडी, रजा मोहम्मद श्रीनाथ, उमराव चौधरी सहित एक दर्जन युवाओं ने जल संस्थान विभाग सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को खून से खत लिखकर आवाज बुलंद की।
कस्बे के हुसैनिया, कमराहा, बड़ा कसौडा, कजियाना, गदाई, ब्लॉक के पीछे, गफूराबाद और तकिया सहित आधा दर्जन से अधिक मोहल्लों में पेयजल संकट बरकरार है। जिसको लेकर कस्बे की महिलाओं सहित युवाओं ने कई बार आलाधिकारियों को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराया लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
अनशन के 13वें दिन तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने अनशनकारियों की सुध लेना उचित नहीं समझा। जिसके चलते कस्बे के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। अनशनकारियों ने अधिकारियों को खून से खत लिखकर पानी की मांग की। साथ ही खून से लिखकर बैनर भी लगाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कस्बे के हुसैनिया, कमराहा, बड़ा कसौडा, कजियाना, गदाई, ब्लॉक के पीछे, गफूराबाद और तकिया सहित आधा दर्जन से अधिक मोहल्लों में पेयजल संकट बरकरार है। जिसको लेकर कस्बे की महिलाओं सहित युवाओं ने कई बार आलाधिकारियों को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराया लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
विज्ञापन
अनशन के 13वें दिन तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने अनशनकारियों की सुध लेना उचित नहीं समझा। जिसके चलते कस्बे के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। अनशनकारियों ने अधिकारियों को खून से खत लिखकर पानी की मांग की। साथ ही खून से लिखकर बैनर भी लगाया।
विज्ञापन