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हैलट रेफर प्रसव पीड़िता को नहीं मिली एंबुलेंस
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कानपुर देहात। एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल जिले में चौथे दिन भी जारी रही। जिले से करीब पचास कर्मियों के लखनऊ में डटे रहने से मरीजों व तीमारदारों को समय से एंबुलेंस नहीं मिल पाई। इससे लोगों को परेशान होना पड़ा।
रसूलाबाद मैटरनिटी विंग में प्रसव पीड़िता की हालत बिगड़ने पर उसे हैलट रेफर किया गया। वहीं एंबुलेंस नहीं मिलने से वह हैलट नहीं जा पाई, इससे बाद में रसूलाबाद मैटरनिटी विंग में ही उसका प्रसव कराना पड़ा।
नियमित करने सहित छह सूत्री मांगों को लेकर जिले के एंबुलेंस कर्मी सोमवार को हड़ताल पर चले गए। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ा। जिला प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लिया और सख्ती के बाद जिला अस्पताल से सभी एंबुलेंस को अपनी जगहों पर भेज दिया। हालांकि जिले में तैनात पचास कर्मी इसके बाद भी लखनऊ चले गए।
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इधर, कई अस्पतालों में अभी भी कर्मचारी मरीजों को एंबुलेंस से नहीं ले जा रहे हैं। रसूलाबाद मैटरनिटी विंग में बुधवार रात से गुरुवार शाम तक कुल 19 प्रसव हुए। सरइयां गोलालपुर की ज्योति की हालत प्रसव के दौरान बिगड़ गई। मौजूद डॉ. अमित सक्सेना ने हैलट के लिए गर्भवती को रेफर कर दिया। एंबुलेंस न मिलने पर वह 22 सौ रुपये किराए पर वाहन करके हैलट गई।
इसी प्रकार जगम्मनपुर धीर निवासी रानी की हालत गंभीर देख डॉ. एन चंद्रा ने हैलट रेफर किया। एंबुलेंस नहीं मिलने से गर्भवती काफी देर तड़पती रही। बाद में मैटरनिटी विंग में ही उसका प्रसव कराया गया।
वहीं जिला अस्पताल में भी मरीजों को एंबुलेंस नहीं मिलने से परेशान होना पड़ा। तीमारदार मरीजों को प्राइवेट वाहन से लेकर पहुंचे। जिला एंबुलेंस प्रभारी आदित्य सक्सेना ने बताया कि अधिकांश सेंटरों पर एंबुलेंस काम कर रही हैं। मरीजों को अस्पताल लाने का काम किया जा रहा है।
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रसूलाबाद मैटरनिटी विंग में प्रसव पीड़िता की हालत बिगड़ने पर उसे हैलट रेफर किया गया। वहीं एंबुलेंस नहीं मिलने से वह हैलट नहीं जा पाई, इससे बाद में रसूलाबाद मैटरनिटी विंग में ही उसका प्रसव कराना पड़ा।
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नियमित करने सहित छह सूत्री मांगों को लेकर जिले के एंबुलेंस कर्मी सोमवार को हड़ताल पर चले गए। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ा। जिला प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लिया और सख्ती के बाद जिला अस्पताल से सभी एंबुलेंस को अपनी जगहों पर भेज दिया। हालांकि जिले में तैनात पचास कर्मी इसके बाद भी लखनऊ चले गए।
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इधर, कई अस्पतालों में अभी भी कर्मचारी मरीजों को एंबुलेंस से नहीं ले जा रहे हैं। रसूलाबाद मैटरनिटी विंग में बुधवार रात से गुरुवार शाम तक कुल 19 प्रसव हुए। सरइयां गोलालपुर की ज्योति की हालत प्रसव के दौरान बिगड़ गई। मौजूद डॉ. अमित सक्सेना ने हैलट के लिए गर्भवती को रेफर कर दिया। एंबुलेंस न मिलने पर वह 22 सौ रुपये किराए पर वाहन करके हैलट गई।
इसी प्रकार जगम्मनपुर धीर निवासी रानी की हालत गंभीर देख डॉ. एन चंद्रा ने हैलट रेफर किया। एंबुलेंस नहीं मिलने से गर्भवती काफी देर तड़पती रही। बाद में मैटरनिटी विंग में ही उसका प्रसव कराया गया।
वहीं जिला अस्पताल में भी मरीजों को एंबुलेंस नहीं मिलने से परेशान होना पड़ा। तीमारदार मरीजों को प्राइवेट वाहन से लेकर पहुंचे। जिला एंबुलेंस प्रभारी आदित्य सक्सेना ने बताया कि अधिकांश सेंटरों पर एंबुलेंस काम कर रही हैं। मरीजों को अस्पताल लाने का काम किया जा रहा है।