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गुजरात के बिगड़े हालात: यूपी-बिहार के लोग पूरा नाम बताने से भी डर रहे

Thu, 11 Oct 2018 07:56 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 11 Oct 2018 07:56 AM IST
सार

- गुजरात से तमाम लोग लौट आए, जो वहां हैं उनके परिजन चिंतित

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Gujarat migration conditions People of UP and Bihar are also afraid to tell full name
डेमो पिक
गुजरात के बिगड़े हालात का असर बुंदेलखंड व सेंट्रल यूपी के जिलों में भी देखने को मिल रहा है। रोजी रोटी की तलाश में वहां गए तमाम लोग अब पलायन कर लौट रहे हैं। वहीं, जो लोग अभी भी वहां हैं, उनके परिजनों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं।
Gujarat migration conditions People of UP and Bihar are also afraid to tell full name
गुजरात के बिगड़े हालात
गुजरात से लौटकर आए जालौन के मुहम्मदाबाद के हरसहाय, भारत सिंह व शत्रुध्न राजपूत बताते हैं कि गुजरात में नफरत की ऐसी आग लगेगी, कभी सोचा भी न था। चारों ओर सिर्फ प्रवासी लोगों के लिए मारो, मारो का ही शोर सुनाई दे रहा था। भारत सिंह की मानें तो वहां का माहौल ऐसा हो गया है कि कोई भी यूपी और बिहार वाला अपना पूरा नाम बताने में भी डरता है।
 
Gujarat migration conditions People of UP and Bihar are also afraid to tell full name
गुजरात के बिगड़े हालात
हमीरपुर के 20 लोगों के लौटकर आने की जानकारी मिली है। हमीरपुर के कई लोगों ने बताया कि उन्होंने गुजरात में रह रहे अपने परिजनों से फोन पर बात की, तब तसल्ली हुई। पतराहा निवासी रामभरोसे पुत्र बद्दा निषाद ने बताया वह अहमदाबाद हनुमान मंदिर के पास ही रहकर एक कंपनी में काम करता था। वहां के  हालात ठीक न होने के कारण वह गांव वापस आया है। उसके गांव के 20 लड़के भी वापस आए हैं।
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गुजरात के बिगड़े हालात
हरदोई जिले के सुरसा थाना क्षेत्र के गांव महुराकला के 13 लोग गुजरात में फंसे हैं। इनके परिजन खासे परेशान हैं। हालांकि परिजनों का कहना है कि सभी लोग सुरक्षित हैं, लेकिन घरों में कैद-सा हैं। यह लोग वापस गांव आना चाहते हैं, लेकिन आ नहीं पा रहे हैं।
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गुजरात के बिगड़े हालात
इटावा के जसवंतनगर के जनकपुर निवासी मीनेश कुमार ने बताया कि वह चार दिन पहले ही अपने भाई व 22 लोगों के साथ गुजरात से जान बचाकर आए हैं। मीनेश ने बताया कि उसे चार अक्तूबर को अल्टीमेटम दिया गया था कि 24 घंटे में इलाके को छोड़ दें। ऐसे में भाई मुन्नालाल के साथ बस स्टैंड पर पहुंचा वहां से जयपुर होते हुए गांव लौटा है।
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