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तोहफा: आयुर्विज्ञान संस्थान बनेगा कानपुर का जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज
Thu, 26 Sep 2019 01:02 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 26 Sep 2019 01:02 PM IST
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज
- फोटो : गूगल
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कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज स्वायत्त आयुर्विज्ञान संस्थान बनेगा। इस संबंध में बुधवार को दिल्ली के निर्माण भवन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की अध्यक्षता में हुई बैठक में घोषणा की गई। इसका नाम आदर्श जीएसवीएम रिसर्च इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस (एजीआरआईएमएस) तय कर दिया गया है।
यह एसजीपीजीआई और डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ की तर्ज पर होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन प्रदेश के प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे को फरवरी वर्ष 2020 तक आयुर्विज्ञान बनाने संबंधी सारे कार्य पूरे करने के आदेश दिए हैं।
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यह एसजीपीजीआई और डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ की तर्ज पर होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन प्रदेश के प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे को फरवरी वर्ष 2020 तक आयुर्विज्ञान बनाने संबंधी सारे कार्य पूरे करने के आदेश दिए हैं।
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी को निर्देश दिए कि हॉस्टलों का कार्य तेजी से कराएं। एजीआरआईएमएस राज्य सरकार के अंडर में रहेगा। तीन हजार क्षमता का मल्टी स्टोरी हॉस्टल ब्लाक बनेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन ने कहा कि जेके कैंसर इंस्टीट्यूट और कार्डियोलोजी संस्थान का हिस्सा रहेंगे और इन्हें अपग्रेड किया जाएगा।
दो सौ बेड के ट्रॉमा सेंटर को भी मंजूरी मिल गई है। इसमें सभी इंटेसिव केयर की सुविधाएं रहेंगी। देश का पहला फोरेन क्लीनिकल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट मेडिकल कॉलेज में खुलेगा। विदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले यहां तीन माह की स्किल ट्रेनिंग देंगे। प्राइवेट डॉक्टर भी यहां प्रशिक्षण ले सकेंगे। डॉक्टरों और रेजीडेंट के वेतन भत्ते एम्स के बराबर हो जाएंगे।
दो सौ बेड के ट्रॉमा सेंटर को भी मंजूरी मिल गई है। इसमें सभी इंटेसिव केयर की सुविधाएं रहेंगी। देश का पहला फोरेन क्लीनिकल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट मेडिकल कॉलेज में खुलेगा। विदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले यहां तीन माह की स्किल ट्रेनिंग देंगे। प्राइवेट डॉक्टर भी यहां प्रशिक्षण ले सकेंगे। डॉक्टरों और रेजीडेंट के वेतन भत्ते एम्स के बराबर हो जाएंगे।