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जीएसटी :कुछ इस तरह बदल देगा आपकी दुनिया

Mon, 12 Jun 2017 09:43 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 12 Jun 2017 09:43 PM IST
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gst will change your life
डेमो पिक
एक जुलाई से जीएसटी लागू होने से आपके बाजार की दुनिया हमेशा के लिए बदल जाएगी। इस जुलाई से सभी के रोजमरहा के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव आने वाला है। बाजार और आपकी जिंदगी को बदलने वाले जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स को लागु होने में अब बस कुछ हफ्ते ही रह गए हैं।  जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स 1 जुलाई से लागू हो जाएगा। जीएसटी एक ऐसा टैक्स है जो टैक्स के भारी जाल से मुक्ति दिलाएगा। जीएसटी आने के बाद बहुत सी चीजें सस्ती हो जाएगी जबकि कुछ आपकी जेब पर भारी भी पड़ेंगी। लेकिन सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि टैक्स का पूरा सिस्टम आसान हो जाएगा। 18 से ज्यादा टैक्सों से मिलेगी मुक्ति और पूरे देश में होगा सिर्फ एक टैक्स जीएसटी। 
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आइए देखते हैं जीएसटी लागू होने से क्या सस्ता होगा और क्या महंगा

सोना 
पूरे देश को एक सामान बनाने वाली कर व्यवस्था यानी जीएसटी लागू होने के बाद देश के ज्यादातर हिस्सों में सोना महंगा हो सकता है। सोने पर इस समय 1 फीसदी उत्पाद शुल्क और राज्यों द्वारा 1 फीसदी वैट लगाया जाता है। इन दरों को ध्यान में रखते हुए। सोना व सोने के आभूषणों पर 3 फीसदी टैक्स लगाने का फैसला किया है। 
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कपड़े
सभी तरह के कपड़े पर पांच फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा। जबकि सौ रुपये तक के परिधानों पर 5 फीसदी की निम्न दर से जीएसटी लागू होगा। वर्तमान में इस पर 7 फीसदी की दर से कर लगता है। एक हजार रुपये से अधिक मूल्य के कपड़ों पर12 फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा। 
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जूते-चप्पल 
पांच सौ से कम के फुटवियर पर 5 पर्सेंट जीएसटी लगाने का फैसला लिया गया है।  जबकि पहले पांच सौ तक के चप्पल जूतों पर 9.5 फीसदी लगता था। मतलब पहले 5 सौ के जूते पर करीब 48 रुपये टैक्स लगता था अब 25 रु. टैक्स देना होगा। पांच सौ से ज्यादा कीमत के फुटवेयर पर 18 पर्सेंट टैक्स लगेगा। पहले करीब 23 फीसदी लगता था। 

बिस्किट 
बिस्किट पर जीएसटी स्लैब 18 फीसदी पर तय किया गया है। पहले एक सौ रूपये  किलो तक मूल्य वाले बिस्किट पर औसतन 2.6 फीसदी जबकि इससे अधिक दाम के बिस्किट पर 23.11 फीसदी की दर से कर लगाया जाता था। 

चीनी, चाय 
चीनी, खाद्य तेल, नार्मल टी और कॉफी पर जीएसटी के अंतर्गत 5 फीसद की दर से टैक्स लगेगा, मौजूदा समय में यह दर 4 से 6 फीसद है.

हेयर ऑयल 
जीएसटी काउंसिल की ओर से तय की गईं दरों के मुताबिक जीएसटी के अंतर्गत 18 फीसद की दर से टैक्स लगेगा।  यह मौजूदा दर से काफी कम है। इस समय हेयर ऑयल और साबुन पर 28 फीसद की दर से टैक्स लगता है। 
अनाज होंगे सस्ते: जीएसटी काउंसिल ने अनाजों को जीएसटी के दायरे से रखा है, यानी इन पर कोई कर नहीं लगेगा।  इसी तरह गेहूं, चावल सहित अनाज जैसी आवश्यक वस्तुओं को जीएसटी से छूट दी गई है।

मीट, दूध
मीट, दूध, दही, ताज़ा सब्जियां, शहद, गुण, प्रसाद, कुमकुम, बिंदी और पापड़ को जीएसटी दायरे से बाहर रखा गया है। इसके कारण ये चीजें सस्ती होंगी क्योंकि जीएटी लागू होने के बाद इन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा जबकि अब तक इन उत्पादों पर वैट लगता था। 

कोयला 
जीएसटी आने के बाद कोयला सस्ता हो जाएगा। काउंसिल ने कोयले पर जीएसटी की दर 5 फीसद तय की है। आपको बता दें कि यह दर मौजूदा समय में 11.7 फीसद है। कोयले के सस्ते होने से बिजली उत्पादन की लागत भी कम होगी।

आइसक्रीम 
प्रोसेस्ड फूड, कनफेक्शनरी उत्पाद और आइसक्रीम पर टैक्स की दर 18 फीसदी होगी जो पहले 22 फीसदी थी।  पहले एक सौ रूपये की आइसक्रीम पर 22 रु टैक्स देना होता था अब एक सौ रुपये के आइसक्रीम पर 18 रुपये टैक्स देना होगा। 

शैंपू
नहाने के शैंपू, परफ्यूम और मेकअप के उत्पादों पर 28 फीसदी टैक्स देना होगा जबकि इस पर अभी 22 फीसदी टैक्स लगता था। यानी एक सौ रुपये के शैंपू पर अभी 22 रुपये टैक्स लगता था अब 28 फीसदी लगेंगे। 

मोटरसाइकिल
युवाओं में मोटरसाइकिल का बहुत अधिक क्रेज है। जीएसटी में मोटरसाइकिलें भी कुछ सस्ती हो सकती हैं। इन पर टैक्स की दर करीब एक फीसदी कम होकर 28 फीसदी रह जाएगी। 

हवाई सफर
जीएसटी के लागू होने के बाद इकोनॉमी क्लास में विमान यात्रा सस्ती हो जाएगी। इकनॉमी श्रेणी के किराये के लिए जीएसटी दर पांच फीसदी तय की गई है अभी यह छह फीसदी है।  हालांकि, बिजनेस श्रेणी में विमान से यात्रा महंगी होगी। इसके लिए कर की दर 12 फीसदी तय की गई है, जो अभी तक 9 फीसदी थी.

फोन 
स्मार्टफोन भी जीएसटी में सस्ता हो जाएगा। इन पर अभी 13.5 फीसदी टैक्स लगता है। जीएसटी में इन पर 12 फीसदी कर लगाने का प्रस्ताव है। मतलब 5 हजार के स्मार्टफोन पर अभी 675 रुपये टैक्स लगता है। नई व्यवस्था में छह सौ रुपये टैक्स देना होगा। 

टैक्सी 
जीएसटी के तहत उबर और ओला जैसी एप आधारित टैक्सी सेवा देने वाली कंपनियों से टैक्सी की बुकिंग करना सस्ता हो जाएगा। एक जुलाई से लागू होने वाली इस नई कर व्यवस्था के तहत इस तरह की सेवाएं पांच फीसदी दर की श्रेणी में आएंगी अभी एप आधारित टैक्सी सेवाओं से टैक्सी बुक करने पर छह फीसदी का कर लगाता है।

मोबाइल 
टेलिकॉम सेवाएं जीएसटी के अंतर्गत महंगी होंगी। सरकार ने इसे 18 फीसदी कर के दायरे में रखा है। फिलहाल मोबाइल बिल पर 15 फीसदी टैक्स लगता है। 

बीमा
बीमा पॉलिसी लेना आगामी एक जुलाई से महंगा हो जाएगा। जीएसटी परिषद ने इस पर 18 फीसदी की दर से टैक्स लेने का फैसला लिया है। फिलहाल अभी बीमा क्षेत्र पर सेवा कर उपकर के साथ 15 फीसदी है। 

रेस्तरां 
एक जुलाई से रेस्तरां में खाना महंगा हो जाएगा। अभी आपके खाने के पूरे बिल पर वैट लगाकर 11 फीसदी टैक्स लगता है। जीएसटी में इसे तीन हिस्सों में बांटा गया है। यानी नॉन-एसी रेस्तरां में फूड बिल पर १२ फीसदी टैक्स यानी १ फीसदी ज्यादा लगेगा। इसी तरह शराब लाइसेंस और एसी वाले रेस्तरां में खाने पर १८ फीसदी टैक्स यानी ७ फीसदी ज्यादा लगेगा। इसके अलावा लग्जरी रेस्तरां में २८ फीसदी टैक्स रेट लागू होगा यानी १७ फीसदी महंगा पड़ेगा। 

कार 
जीएसटी के तहत सभी कारों पर 28 फीसदी का टैक्स लगाया गया है, वहीं छोटी कारों पर एक फीसदी का टैक्स तो एसयूवी और अन्य लग्जरी कारों पर 15 फीसदी तक का टैक्स लगाया गया है। ऑटो क्षेत्र के जानकारों के मुताबिक इस कदम से छोटी कारों की लागत बढ़ेगी और इसका बोझ ग्राहकों को उठाना पड़ेगा।

स्लीपर
ट्रांसपोर्टेशन पर पांच फीसदी की दर से जीएसटी लगाने का निर्णय हुआ है। ट्रेन में जनरल डिब्बे, स्लीपर और जनरल बस में यात्रा करने पर अब भी कोई सर्विस टैक्स नहीं लगेगा। पहले स्लीपर क्लास के टिकट पर 2 रु सर्विस टैक्स लगता था। वहीं एसी में ट्रेन का सफर या एसी बसों में यात्रा पर 5 फीसदी सर्विस टेक्स देना होगा।

टूर 
जीएसटी के लागू होने के बाग टूर एंड ट्रैवल थोड़ा महंगा हो जाएगा। GST में टूर एंड ट्रैवल पर १८ फीसदी टैक्स लगेगा। अभी १५ फीसदी लगता है, यानी टैक्स रेट ३ फीसदी बढ़ जाएगा। अगर पहले 1 हजार का टूर पैकेज था तो उस पर 15 रुपये टैक्स लगता था अब बढ़कर ये 18 रुपये हो जाएगा। 
घर सजाना सस्ता

कॉयर मैट्रेस
1 जुलाई से बेड पर आराम के सामान सस्ते हो जाएंगे।  पहले सभी तरह के टैक्स और वैट मिलाकर 3.5 फीसदी टैक्स लगते थे अब 18 फीसदी लगेंगे। पहले किसी गद्दे की कीमत अगर 1 हजार थी तो उस पर 35 रुपये टैक्स लगते थे अब सिर्फ 18 रुपये टैक्स लगेंगे।

लेदर 
चमड़े के बने बैग पर इस समय टैक्स और वैट मिलाकर 3.5 फीसदी टैक्स देना होता है। एक जुलाई से इस पर 28 फीसदी टैक्स देना होगा। अगर कोई बैग 2 हजार रु का है तो उस पर अभी 7 रुपये टैक्स लगाते हैं अब 5.6 रुपये लगेंगे। 

मोबाइल
मोबाइल फोन पर जीएसटी में 12 फीसदी टैक्स रहेगा। इससे ज्यादातर राज्यों में मोबाइल हैंडसेट पर टैक्स 4-5फीसदी बढ़ जाएगा। अभी करीब 6 फीसदी टैक्स लगता है। अगर एक मोबाइल अभी 5 हजार का है तो उस पर तीन सौ रुपये टैक्स लगता है 1 जुलाई के बाद छह सौ रुपये टैक्स देना पड़ेगा। 


नैपकिन
नैपकिन और टिश्यू पेपर पर इस समय एक्साइज, वैट और एंट्री टैक्स मिलाकर 3.5 फीसदी टैक्स लगता है जीएसटी लागू होने के बाद 1.8 फीसदी टैक्स लगेगा। मतलब अगर कोई नैपकिन तीन सौ रुपये का है तो उस पर अभी करीब 91 रुपये टैक्स देना होता है 1 जुलाई से अब सिर्फ 54 रुपये देने होंगे। 
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