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Kanpur News: सकल जिला घरेलू उत्पाद 16 हजार करोड़ के पार, प्रति व्यक्ति आय में भी हुई बढ़ोतरी
Sun, 24 Aug 2025 10:57 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sun, 24 Aug 2025 10:57 PM IST
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फोटो 30:::शहर में एक घर में लगा लूम। संवाद
इटावा। उद्योगों की बढ़ती रफ्तार के दम पर जिला अब प्रदेश के जीडीपी में अहम योगदान देने लगा है। नियोजन विभाग के अर्थ एवं संख्या प्रभाग के आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। तीन साल में इटावा जिले का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 36 फीसदी बढ़ गया है। वहीं, आम आदमी की कमाई में करीब 32 फीसदी का इजाफा हुआ है। कोरोना महामारी के बाद उद्योगों की बढ़ती रफ्तार के दम पर जिला अब प्रदेश के जीडीपी में अहम योगदान देने लगा है।
जिला सांख्यिकी कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, जिले का जीडीपी वर्ष 2020-21 में 11,881 करोड़ जबकि वर्ष 2023-24 में बढ़कर यह 16,189 करोड़ तक पहुंच गई है। इससे साफ जाहिर है कि जिले की जीडीपी ने तीन साल में 36 प्रतिशत तक उछाल मारा है। इसके साथ ही वर्ष 2020-21 में जिले की तात्कालिक जनसंख्या के अनुसार प्रति व्यक्ति आय 57,652 रुपये है जो वर्ष 2023-24 में बढ़कर 76,631 तक पहुंच गई है। तीन सालों में प्रति व्यक्ति आय में भी लगभग 32 फीसदी का इजाफा हुआ है।
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ऐसे तय होती है प्रति व्यक्ति आय
अर्थशास्त्री डॉ. श्याम सिंह के मुताबिक प्रति व्यक्ति आय का आकलन जिले के सकल घरेलू उत्पाद और उस वर्ष की आबादी के अनुपात का औसत निकालकर किया जाता है। यह सभी पर एक समान लागू होती है। किस वर्ग की कितनी आय है, इसका पता नहीं चलता। यानी कुछ लोगों की आय औसत से कई गुना होगी और कुछ की औसत से काफी कम भी हो सकती है।
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इनको मिलाकर तैयार किया जाता है जीडीपी
सकल घरेलू उत्पाद में कृषि, पशुधन, वानिकी एवं मत्स्य, फसलें, विनिर्माण, विद्युत, गैस व जलापूर्ति, खनन, रेलवे, भंडारण, संचार, वित्तीय सेवाएं सहित अन्य आवश्यक सेवाओं पर हुए खर्च को मिलाकर वार्षिक जीडीपी तैयार की जाती है।
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जीबीसी 4.0 में हुए थे जिले से 82 एमओयू
बीते वर्ष 2024 में प्रदेश सरकार की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 4.0 में जिले के 82 एमओयू साइन हुए थे जिनमें से लगभग 55 एमओयू में काम शूरू हो गया है। बचे हुए एमओयू को भी पटरी पर लाने की कवायद की जा रही है।
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चार वर्षों में कुछ इस प्रकार बढ़ी जिले की जीडीपी व प्रति व्यक्ति आय
वर्ष जीडीपी (करोड़ में) प्रति व्यक्ति आय (रुपये में)
2020-21 11,881 57,652
2021-22 13,149 63,408
2022-23 14,279 68,320
2023-24 16,189 76,631
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अभी और सुधार की जरूरत
कुछ वर्षों के भीतर जिले में आय के साधनों में इजाफा हुआ है। इसका प्रभाव अब दिखाई पड़ रहा है। सर्विस सेक्टर की वजह से आय में इजाफा दिखाई दे रहा है। हालांकि अभी और भी सुधार करने की आवश्यकता है। इसके लिए सभी विभागों से समन्वय स्थापित करके अच्छा किया जाएगा।
रमेश चंद्र, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी
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जिला सांख्यिकी कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, जिले का जीडीपी वर्ष 2020-21 में 11,881 करोड़ जबकि वर्ष 2023-24 में बढ़कर यह 16,189 करोड़ तक पहुंच गई है। इससे साफ जाहिर है कि जिले की जीडीपी ने तीन साल में 36 प्रतिशत तक उछाल मारा है। इसके साथ ही वर्ष 2020-21 में जिले की तात्कालिक जनसंख्या के अनुसार प्रति व्यक्ति आय 57,652 रुपये है जो वर्ष 2023-24 में बढ़कर 76,631 तक पहुंच गई है। तीन सालों में प्रति व्यक्ति आय में भी लगभग 32 फीसदी का इजाफा हुआ है।
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ऐसे तय होती है प्रति व्यक्ति आय
अर्थशास्त्री डॉ. श्याम सिंह के मुताबिक प्रति व्यक्ति आय का आकलन जिले के सकल घरेलू उत्पाद और उस वर्ष की आबादी के अनुपात का औसत निकालकर किया जाता है। यह सभी पर एक समान लागू होती है। किस वर्ग की कितनी आय है, इसका पता नहीं चलता। यानी कुछ लोगों की आय औसत से कई गुना होगी और कुछ की औसत से काफी कम भी हो सकती है।
इनको मिलाकर तैयार किया जाता है जीडीपी
सकल घरेलू उत्पाद में कृषि, पशुधन, वानिकी एवं मत्स्य, फसलें, विनिर्माण, विद्युत, गैस व जलापूर्ति, खनन, रेलवे, भंडारण, संचार, वित्तीय सेवाएं सहित अन्य आवश्यक सेवाओं पर हुए खर्च को मिलाकर वार्षिक जीडीपी तैयार की जाती है।
जीबीसी 4.0 में हुए थे जिले से 82 एमओयू
बीते वर्ष 2024 में प्रदेश सरकार की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 4.0 में जिले के 82 एमओयू साइन हुए थे जिनमें से लगभग 55 एमओयू में काम शूरू हो गया है। बचे हुए एमओयू को भी पटरी पर लाने की कवायद की जा रही है।
चार वर्षों में कुछ इस प्रकार बढ़ी जिले की जीडीपी व प्रति व्यक्ति आय
वर्ष जीडीपी (करोड़ में) प्रति व्यक्ति आय (रुपये में)
2020-21 11,881 57,652
2021-22 13,149 63,408
2022-23 14,279 68,320
2023-24 16,189 76,631
अभी और सुधार की जरूरत
कुछ वर्षों के भीतर जिले में आय के साधनों में इजाफा हुआ है। इसका प्रभाव अब दिखाई पड़ रहा है। सर्विस सेक्टर की वजह से आय में इजाफा दिखाई दे रहा है। हालांकि अभी और भी सुधार करने की आवश्यकता है। इसके लिए सभी विभागों से समन्वय स्थापित करके अच्छा किया जाएगा।
रमेश चंद्र, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी