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तीन तलाक पर सरकार को दखल का हक नहीं
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 24 Apr 2017 12:24 AM IST
सार
-आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा
-सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक मामले पर पुरजोर पक्ष रखेगा बोर्ड
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विस्तार
मुसलमानों की सर्वोच्च संस्था आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैयद राबे हसन नदवी का कहना है कि तलाक का मामला शरीअत के हुक्म से ही चलेगा। इसमें सरकार या अन्य किसी संस्था को दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। बोर्ड एक झटके में तीन तलाक के खिलाफ है। तीन तलाक एक बार में न दिया जाए।
रविवार को प्रेसवार्ता में नदवी ने कहा कि बोर्ड तीन तलाक के मामले में सुप्रीम कोर्ट में मई से होने वाली सुनवाई में पुरजोर तरीके से पक्ष रखेगा। उन्होंने तलाकशुदा महिलाओं को गुजाराभत्ता देने के लिए बैतुलमाल (वित्त कोष) कायम करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
शहर की आल इंडिया सुन्नी उलेमा काउंसिल की तरफ से इस संबंध में बोर्ड को पत्र भेजा गया था। दूसरी ओर एक बार में तीन तलाक के खिलाफ जमात-ए-इस्लामी हिंद की 15 दिवसीय जागरूकता मुहिम कानपुर में शुरू हो गई। यह मुहिम 23 अप्रैल से सात मई तक चलेगी।
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जमात-ए-इस्लामी हिंद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सैयद सहादत उल्ला हुसैन ने रविवार को यहां बताया कि मुहिम के तहत जमात-ए-इस्लामी से जुड़े बुद्धिजीवी और उलेमा मुसलमानों को एक बार में तीन तलाक के नुकसान बताएंगे।
साथ ही यह बताया जाएगा कि अगर किसी ने अपनी बीवी को गुस्से में आकर तीन तलाक दिया तो उसका मुस्लिम समाज से बहिष्कार कर दिया जाएगा। इस मुद्द् पर मुसलमानों को जागरूक भी किया जा रहा है।
(विस्तृत पैकेज माई सिटी पेज-6 पर)
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रविवार को प्रेसवार्ता में नदवी ने कहा कि बोर्ड तीन तलाक के मामले में सुप्रीम कोर्ट में मई से होने वाली सुनवाई में पुरजोर तरीके से पक्ष रखेगा। उन्होंने तलाकशुदा महिलाओं को गुजाराभत्ता देने के लिए बैतुलमाल (वित्त कोष) कायम करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
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शहर की आल इंडिया सुन्नी उलेमा काउंसिल की तरफ से इस संबंध में बोर्ड को पत्र भेजा गया था। दूसरी ओर एक बार में तीन तलाक के खिलाफ जमात-ए-इस्लामी हिंद की 15 दिवसीय जागरूकता मुहिम कानपुर में शुरू हो गई। यह मुहिम 23 अप्रैल से सात मई तक चलेगी।
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जमात-ए-इस्लामी हिंद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सैयद सहादत उल्ला हुसैन ने रविवार को यहां बताया कि मुहिम के तहत जमात-ए-इस्लामी से जुड़े बुद्धिजीवी और उलेमा मुसलमानों को एक बार में तीन तलाक के नुकसान बताएंगे।
साथ ही यह बताया जाएगा कि अगर किसी ने अपनी बीवी को गुस्से में आकर तीन तलाक दिया तो उसका मुस्लिम समाज से बहिष्कार कर दिया जाएगा। इस मुद्द् पर मुसलमानों को जागरूक भी किया जा रहा है।
(विस्तृत पैकेज माई सिटी पेज-6 पर)