फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Goiter cancer is more common in youth and old age.

Kanpur News: युवावस्था और बुढ़ापे में ज्यादा होता घेंघा का कैंसर

Mon, 10 Nov 2025 02:32 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 10 Nov 2025 02:32 AM IST
विज्ञापन
Goiter cancer is more common in youth and old age.
कानपुर। हिमालयी शृंखला और गंगा के तराई क्षेत्र की मिट्टी में आयोडीन की मात्रा कम रहती है। बारिश के कारण आयोडीन युक्त मिट्टी की पर्त बहती रहती है। इससे इस क्षेत्र में थायराइड ग्रंथि की गांठ जिसे घेंघा कहते हैं अधिक होता है। यह बात केजीएमयू के प्रोफेसर और यूपी एसोसिएशन सर्जंस ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. आनंद मिश्रा ने बताई। उन्होंने कहा कि 20 साल से कम और 60 साल से अधिक आयु में घेंघा का कैंसर अधिक होता है।
विज्ञापन

डॉ. मिश्रा ने बताया कि सबसे आसानी से ठीक होने वाला डिफ्रेंसिएटेड कैंसर थायराइड ग्रंथि का होता है। इसके साथ ही सबसे खतरनाक एनाप्लास्टिक कैंसर भी इसी ग्रंथि में होता है। इस कैंसर में 24 घंटे के अंदर ग्रोथ होती है। रोगी छह से नौ महीने तक जिंदा रह पाता है। डॉ. मिश्रा का कहना है कि 50-60 फीसदी रोगियों के थायराइड की गांठ मिलती है। इनमें पांच फीसदी कैंसर प्रभावित होती हैं। उन्होंने कहा कि अगर अचानक आवाज बदले तो जांच जरूर करा लें। घेंघा का कैंसर गले के अंदर सांस की नली तक चला जाता है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि दो प्रतिशत पुरुषों को स्तन कैंसर होता है। इनकी ग्रंथि महिलाओं की तुलना में छोटी होती है। अगर गांठ उभरे, दर्द रहे, घाव ठीक न हो तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed