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कलक्ट्रेट के बाबुओें को देना होगा संपत्ति का ब्योरा

Mon, 08 Aug 2016 01:14 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला कानपुर
ब्यूरो अमर उजाला कानपुर Updated Mon, 08 Aug 2016 01:14 AM IST
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Give details of the property Vould Kollektorte Offisials
नामांकान वापसी का शनिवार को अंतिम दिन रहा
कानपुर। जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने कलक्ट्रेट के सभी बाबुओं से उनकी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा मांगा है। सभी बाबुओं को 12 अगस्त तक तय फॉरमेट में जानकारी देनी है। इसके लिए एडीएम फाइनेंस ने सभी को नोटिस भी थमा दिए हैं। वहीं उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने इस पर एतराज जताया है।
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एडीएम फाइनेंस ने कलक्ट्रेट के सभी बाबुओं को नोटिस देकर कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 की धारा 24 में दिए गए प्रावधानों के अंतर्गत चल और अचल संपत्ति का ब्योरा दिया जाए। पत्र के पीछे एक फॉरमेट भी लगा है। कर्मचारी संघ के महामंत्री नितिन गुप्ता ने डीएम को पत्र देकर कहा है कि कलक्ट्रेट के कर्मचारियों से ही यह जानकारी क्यों चाही गई है। तहसीलों में कानूनगो, लेखपाल, अमीन और अन्य कर्मचारियों से क्यों नहीं मांगी जा रही है। वहीं एडीएम फाइनेंस का कहना है कि नियमावली के तहत ही नोटिस देकर जानकारी मांगी गई है।
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1000 से ज्यादा की खरीद पर अनुमति
धारा 24 के सब क्लाज चार में कहा गया है कि एक हजार रुपये से ज्यादा की खरीदारी करने पर कर्मचारी या अफसर को अनुमति लेनी होगी।
51 रुपये से ज्यादा
का गिफ्ट नहीं
धारा 11 में कहा गया है कि कोई भी अफसर या कर्मचारी अपनी या अपने परिजनों की शादी, अन्य समारोह में 51 रुपये से ज्यादा का गिफ्ट नहीं ले सकेंगा।
संतों से नहीं कराई जाएगी सिफारिश
धारा 27 में कहा गया है कि अफसर और कर्मचारी ड्यूटी के दौरान कई कारणों से साधु-संतों से मिलते हैं। कुछ अफसर और कर्मचारी साधु-संतों से सिफारिश भी कराते हैं। यह न्यायोचित नहीं है।
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हजम नहीं होती 1956 की नियमावली
नोटिस में उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 का हवाला दिया गया है। इसमें लिखी कई बातें ऐसी हैं जो हजम नहीं हुईं। दरअसल 60 साल पहले बनी नियमावली में संशोधन नहीं हुए हैं।
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