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Kanpur News: बालिकाओं की शिक्षा को लगेंगे पंख, खुलेंगे नौ आवासीय बालिका विद्यालय
Sun, 14 Jun 2026 01:16 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sun, 14 Jun 2026 01:16 AM IST
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कानपुर देहात। जिले के अमरौधा ब्लॉक में सिर्फ एक कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय संचालित है। इसके अलावा अन्य ब्लॉकों सुविधा न होने से कमजोर व गरीब वर्ग की बालिकाओं को आवासीय शिक्षा का लाभ लेने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नौ ब्लॉकों में आवासीय बालिका विद्यालय के लिए भूमि चिह्नित किए जाने का कार्य शुरू हो चुका है। जल्द ही यहां निर्माण कार्य शुरू होगा।
बेसिक शिक्षा विभाग ने बालिका शिक्षा खासकर कमजोर वर्ग की बालिकाओं को ध्यान में रखते हुए योजना को मंजूरी दी है। अभी जिले में सिर्फ एक ही कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय अमरौधा की गौर ग्राम पंचायत में संचालित हैं। चालू वित्तीय वर्ष में इसमें करीब 185 छात्राएं रहकर शिक्षा प्राप्त कर रही हैं लेकिन अन्य ब्लॉक की छात्राएं इस सुविधा का लाभ नहीं ले पा रही हैं। यही नहीं कानपुर नगर व औरैया प्रदेश में ऐसा जनपद है जहां एक भी केजीबीवी नहीं है। यहां की बालिकाएं अमरौधा में प्रवेश के लिए आवेदन जरूर करती हैं लेकिन सीट फुल हो जाने से इसका लाभ इन्हें नहीं मिल पाता है।
विभाग के मुताबिक अपर मुख्य सचिव से जारी निर्देश के क्रम में जिन विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय संचालित नहीं है, उनमें कक्षा 6 से 12 तक के आवासी बालिका विद्यालयों की स्थापना कराई जाएगी। इसके लिए अकबरपुर, डेरापुर, मलासा, राजपुर, झींझक सरवनखेड़ा, मैथा, संदलपुर, रसूलाबाद ब्लॉक में एसडीएम से ग्राम समाज की निर्विवादित भूमि को चिह्नित करने को कहा गया है। इसमें इस बात का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है कि जमीन कम से कम तीन एकड़ होनी चाहिए, साथ ही पहुंच मार्ग, यथासंभव समतल होनी चाहिए। भूमि चिह्नित होने पर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जिसके आधार पर बजट पास होते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
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बयान
जिले नौ ब्लॉक में आवासीय बालिका विद्यालय का निर्माण किया जाना है। इसके लिए अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग से पत्र प्राप्त हुआ है। जमीन को चिह्नित किए जाने के लिए जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम से कहा है, भूमि चिह्नित होने पर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इससे गरीब व कमजोर वर्ग की बालिकाएं अपने ही ब्लॉक में खुलने वाले आवासीय विद्यालय में प्रवेश लेकर शिक्षा का लाभ ले सकेंगी। - आशीष कुमार पांडेय, बीएसए
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बेसिक शिक्षा विभाग ने बालिका शिक्षा खासकर कमजोर वर्ग की बालिकाओं को ध्यान में रखते हुए योजना को मंजूरी दी है। अभी जिले में सिर्फ एक ही कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय अमरौधा की गौर ग्राम पंचायत में संचालित हैं। चालू वित्तीय वर्ष में इसमें करीब 185 छात्राएं रहकर शिक्षा प्राप्त कर रही हैं लेकिन अन्य ब्लॉक की छात्राएं इस सुविधा का लाभ नहीं ले पा रही हैं। यही नहीं कानपुर नगर व औरैया प्रदेश में ऐसा जनपद है जहां एक भी केजीबीवी नहीं है। यहां की बालिकाएं अमरौधा में प्रवेश के लिए आवेदन जरूर करती हैं लेकिन सीट फुल हो जाने से इसका लाभ इन्हें नहीं मिल पाता है।
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विभाग के मुताबिक अपर मुख्य सचिव से जारी निर्देश के क्रम में जिन विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय संचालित नहीं है, उनमें कक्षा 6 से 12 तक के आवासी बालिका विद्यालयों की स्थापना कराई जाएगी। इसके लिए अकबरपुर, डेरापुर, मलासा, राजपुर, झींझक सरवनखेड़ा, मैथा, संदलपुर, रसूलाबाद ब्लॉक में एसडीएम से ग्राम समाज की निर्विवादित भूमि को चिह्नित करने को कहा गया है। इसमें इस बात का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है कि जमीन कम से कम तीन एकड़ होनी चाहिए, साथ ही पहुंच मार्ग, यथासंभव समतल होनी चाहिए। भूमि चिह्नित होने पर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जिसके आधार पर बजट पास होते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
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जिले नौ ब्लॉक में आवासीय बालिका विद्यालय का निर्माण किया जाना है। इसके लिए अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग से पत्र प्राप्त हुआ है। जमीन को चिह्नित किए जाने के लिए जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम से कहा है, भूमि चिह्नित होने पर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इससे गरीब व कमजोर वर्ग की बालिकाएं अपने ही ब्लॉक में खुलने वाले आवासीय विद्यालय में प्रवेश लेकर शिक्षा का लाभ ले सकेंगी। - आशीष कुमार पांडेय, बीएसए