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नदी में छलांग लगाने से पहले बेटी ने पिता से कहे ये शब्द, चाहकर भी लोगों से बयां न कर पाया
Sat, 13 Apr 2019 03:44 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 13 Apr 2019 03:44 PM IST
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घटनास्थल पर पुलिस एवं रोते बिलखते मृतका के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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जालौन के कालपी में बीएड की छात्रा ने कालपी के यमुना पुल से छलांग लगाकर जान दे दी। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आनन फानन में गोताखोर बुलाकर छात्रा का शव बाहर निकलवाया। कुछ ही देर में सूचना पाकर छात्रा के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। कोतवाल सुधाकर का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि छात्रा को अधिक मोबाइल का इस्तेमाल करने के लिए टोका गया था।
फिलहाल जांच पड़ताल की जा रही है। उरई के पुराना पटेल नगर निवासी किसान रमाकांत दीक्षित की बेटी ज्योति (20) ने शुक्रवार शाम यमुना पुल से छलांग लगा दी। ज्योति बीएड प्रथम वर्ष की छात्रा थी। छलांग लगाने से पहले ज्योति ने राहगीर के मोबाइल से घर पर पिता को फोन कर बताया कि वह यमुना पुल से कूदने जा रही है। ज्योति को कूदते देख राहगीर भी सकपका गया और उसने तत्काल घटना की जानकारी पुलिस को दी।
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फिलहाल जांच पड़ताल की जा रही है। उरई के पुराना पटेल नगर निवासी किसान रमाकांत दीक्षित की बेटी ज्योति (20) ने शुक्रवार शाम यमुना पुल से छलांग लगा दी। ज्योति बीएड प्रथम वर्ष की छात्रा थी। छलांग लगाने से पहले ज्योति ने राहगीर के मोबाइल से घर पर पिता को फोन कर बताया कि वह यमुना पुल से कूदने जा रही है। ज्योति को कूदते देख राहगीर भी सकपका गया और उसने तत्काल घटना की जानकारी पुलिस को दी।
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गोताखोरों ने निकाला बाहर तब तक हो गई थी मौत
कुछ ही देर में पुलिस और ज्योति की तलाश करते हुए परिजन भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से ज्योति को बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बेटी का शव आंखों के सामने देख पिता रमाकांत चीख पड़ा। परिवार के लोगों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें संभाला। परिजनों के मुताबिक ज्योति तीन बहनों और एक भाई में सबसे छोटी थी।
कोतवाल का कहना है कि पिता ने अभी कुछ नहीं बताया है, पर साथ आए नाते रिश्तेदारों का कहना है कि ज्योति मोबाइल अधिक इस्तेमाल करती थी, इसी कारण अक्सर घरवाले उसे टोकते थे। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। उरई स्थित घर पर मौजूद ज्योति के दादा हरिनारायण ने बताया कि बिटिया नवरात्र के व्रत रह रही थी, सुबह उसने घर पर सभी के लिए हलुवा बनाया था और उन्हें भी देकर निकली थी।
क्या पता था कि उसके जाने के बाद अब सिर्फ उसकी मौत की सूचना ही आएगी। शाम को जैसे ही रमाकांत के फोन पर ज्योति ने अपने आत्महत्या करने की बात बताई तो वह बेटी का नाम लेते हुए चीख पड़े और मोबाइल उनके हाथ से छूट गया। मां अनीता भी बेटी की मौत की खबर सुनकर बदहवास हो गई।
कोतवाल का कहना है कि पिता ने अभी कुछ नहीं बताया है, पर साथ आए नाते रिश्तेदारों का कहना है कि ज्योति मोबाइल अधिक इस्तेमाल करती थी, इसी कारण अक्सर घरवाले उसे टोकते थे। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। उरई स्थित घर पर मौजूद ज्योति के दादा हरिनारायण ने बताया कि बिटिया नवरात्र के व्रत रह रही थी, सुबह उसने घर पर सभी के लिए हलुवा बनाया था और उन्हें भी देकर निकली थी।
क्या पता था कि उसके जाने के बाद अब सिर्फ उसकी मौत की सूचना ही आएगी। शाम को जैसे ही रमाकांत के फोन पर ज्योति ने अपने आत्महत्या करने की बात बताई तो वह बेटी का नाम लेते हुए चीख पड़े और मोबाइल उनके हाथ से छूट गया। मां अनीता भी बेटी की मौत की खबर सुनकर बदहवास हो गई।