{"_id":"6849d83367808be4610b3366","slug":"ghee-sample-fails-in-test-company-and-manager-fined-kanpur-news-c-220-1-akb1002-127677-2025-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: घी का नमूना जांच में फेल, कंपनी व मैनेजर पर अर्थदंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: घी का नमूना जांच में फेल, कंपनी व मैनेजर पर अर्थदंड
Thu, 12 Jun 2025 12:55 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 12 Jun 2025 12:55 AM IST
विज्ञापन
कानपुर देहात। जैनपुर स्थित मिल्क फूड इंडस्ट्रीज कंपनी से लिया गया पैक्ड घी का नमूना जांच में अधोमानक पाया गया। एडीएम प्रशासन की कोर्ट ने कारोबारी कंपनी पर 80 हजार रुपये व प्रोडक्शन मैनेजर पर 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
गाजियाबाद स्थित उत्तरी क्षेत्रीय कार्यालय की केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी नमिता ने 28 फरवरी 2024 को जैनपुर (कानपुर देहात) स्थित भोले बाबा मिल्क फूड इंडस्ट्रीज लिमिटेड में छापेमारी की थी। यहां उन्होंने पैक्ड घी का नमूना लेकर प्रयोगशाला भेजा था। जांच में घी में आयोडीन और पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड मापदंड के अनुसार नहीं पाए गए। घी का नमूना अधोमानक घोषित होने पर एडीएम प्रशासन की कोर्ट में वाद दायर किया गया।
नोटिस पर कोर्ट में कंपनी के प्रोडक्शन मैनेजर शशि प्रकाश सिंह उपस्थित हुए। तर्क दिया कि घी का नमूना लेते समय उसे गर्म नहीं किया गया है और उबालकर मिलाया नहीं गया है। सुनवाई में गुणदोष के आधार पर कोर्ट ने पाया कि कंपनी व प्रोडक्शन मैनेजर की ओर से अधाेमानक घी का संग्रह और विक्रय किया गया है। कोर्ट ने कंपनी पर 80 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। जबकि प्रोडक्शन मैनेजर पर 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। एक माह में संपूर्ण धनराशि जमा नहीं करने पर भूराजस्व की भांति वसूली का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद स्थित उत्तरी क्षेत्रीय कार्यालय की केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी नमिता ने 28 फरवरी 2024 को जैनपुर (कानपुर देहात) स्थित भोले बाबा मिल्क फूड इंडस्ट्रीज लिमिटेड में छापेमारी की थी। यहां उन्होंने पैक्ड घी का नमूना लेकर प्रयोगशाला भेजा था। जांच में घी में आयोडीन और पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड मापदंड के अनुसार नहीं पाए गए। घी का नमूना अधोमानक घोषित होने पर एडीएम प्रशासन की कोर्ट में वाद दायर किया गया।
विज्ञापन
नोटिस पर कोर्ट में कंपनी के प्रोडक्शन मैनेजर शशि प्रकाश सिंह उपस्थित हुए। तर्क दिया कि घी का नमूना लेते समय उसे गर्म नहीं किया गया है और उबालकर मिलाया नहीं गया है। सुनवाई में गुणदोष के आधार पर कोर्ट ने पाया कि कंपनी व प्रोडक्शन मैनेजर की ओर से अधाेमानक घी का संग्रह और विक्रय किया गया है। कोर्ट ने कंपनी पर 80 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। जबकि प्रोडक्शन मैनेजर पर 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। एक माह में संपूर्ण धनराशि जमा नहीं करने पर भूराजस्व की भांति वसूली का आदेश दिया है।
विज्ञापन