Kanpur: दक्षिण में प्रस्तावित तहसील में नहीं शामिल होंगे घाटमपुर-बिल्हौर, सदर तहसील क्षेत्र का होना है बंटवारा
Kanpur News: कानपुर दक्षिण में प्रस्तावित तहसील में घाटमपुर और बिल्हौर के गांव शामिल नहीं होंगे। लोगों को लंबी भागदौड़ से बचाने के लिए सदर तहसील क्षेत्र बंटवारा का होना है। जिलाधिकारी ने नया प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए हैं और 20 दिन में शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
नंबर गेम
- 500 से ज्यादा गांव हैं सदर तहसील में।
- 200 गांव करीब शामिल किए जाएंगे नई तहसील में।
विस्तार
कानपुर की सदर तहसील में बढ़ रहे काम के बोझ को कम करने के लिए एक साल से कानपुर दक्षिण में प्रस्तावित नई तहसील का प्रस्ताव अब दोबारा बनाया जाएगा। घाटमपुर और बिल्हौर तहसील के गांव इसमें शामिल नहीं किए जाएंगे। पूर्व में जो प्रस्ताव बना था, उसमें इन दोनों तहसीलों के भी 100 से अधिक गांव शामिल थे।
ऐसे में काम के बोझ को कम करने की मंशा पूरी तरह से सफल नहीं हो पाती। इसके चलते डीएम राकेश कुमार सिंह ने एक सप्ताह पहले तहसील और राजस्व विभाग को नया प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। 20 दिन में यह प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
करीब एक साल पहले अफसरों और जनप्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में कानपुर दक्षिण में एक तहसील बनाने की बात उठी थी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने अपर सचिव राजस्व को पत्र लिखा था। वहीं, दूसरी तरफ तत्कालीन डीएम से नई तहसील का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। तब बनाए गए प्रस्ताव में घाटमपुर के 53 और बिल्हौर तहसील के करीब 45 गांव शामिल कर लिए थे।
सदर तहसील क्षेत्र काफी बड़ा, इसको ही दो भागों में बांटा जाए
प्रस्ताव तैयार करने के बाद भी शासन को नहीं भेजा गया था। एक सप्ताह पहले शासन ने नई तहसील का प्रस्ताव मांगा। इसके बाद जिलाधिकारी ने एडीएम (एफआर) राजेश कुमार को बुलाकर रिपोर्ट मांगी। इसमें पाया कि घाटमपुर और बिल्हौर तहसील के भी गांव शामिल हैं। जिलाधिकारी ने इस पर आपत्ति जताई। कहा कि सदर तहसील का क्षेत्र बड़ा है, इसको ही दो भागों में बांटकर नया प्रस्ताव तैयार किया जाए।
आगे क्या... शासन को जाएगा प्रस्ताव
नया प्रस्ताव तैयार कर 20 दिन के भीतर शासन के पास भेजा जाना है। वहां से अनुमति मिलने के बाद दक्षिण क्षेत्र में जमीन चिह्नित करने का काम शुरू किया जाएगा। संभावना है कि नवीन गल्ला मंडी में तहसील बनाई जा सकती है। शासन से अनुमति मिलने के बाद एक साल में इसे तैयार किया जा सकता है।
इसलिए पड़ी जरूरत
सदर तहसील क्षेत्र में सात विधानसभा क्षेत्रों के 250 से ज्यादा गांव आते हैं। यहां की आबादी करीब 40 लाख है। गांवों के तहसील और जमीन संबंधी काम सदर तहसील से ही होते हैं। क्षेत्र बड़ा होने के कारण शिकायतें हमेशा लंबित ही रहती हैं। प्रस्तावित नई तहसील में करीब 120 गांवों को शामिल किया जा सकता है। इससे काम बंट जाएगा और समय से निस्तारण हो सकेगा।
नई तहसील में ये क्षेत्र हो सकते हैं शामिल
नई तहसील में नौबस्ता, बिधनू, सचेंडी के साथ ही चकेरी और रूमा क्षेत्र का ग्रामीण हिस्सा शामिल किया जा सकता है।
यह काम होंगे आसान
जमीनों की खसरा-खतौनी, दाखिल-खारिज, वरासत बनवाने, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाने के काम आसान हो जाएंगे। एसडीएम से की जाने वाली जमीन खरीद-फराेख्त और कब्जे की शिकायतों के लिए दक्षिण के लोगों को चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
नए सिरे से प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। लोगों को भागदौड़ से बचाने के लिए बिल्हौर और घाटमपुर तहसील के गांवों को नहीं शामिल किया जाएगा। सदर तहसील क्षेत्र को ही दो भागों में बांटा जाएगा। -राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी