ये क्या... गंगाजल में पड़ गए कीड़े
कीड़े कई दिनों से आ रहे हैं
एनजीटी में गंगा में नालों से और टेनरियों के जरिये जा रहे कचरे को रोकने पर पिछले तीन दिन से बहस चल रही है। इस बीच बिठूर के रास्ते गंगा बैराज होते हुए भैरोघाट के पंपिंग स्टेशन तक गंगा में बड़ी मात्रा में लाल रंग के कीड़े पाए गए हैं। कहा जा रहा है कि कीड़े कई दिनों से आ रहे हैं, लेकिन अब इनकी संख्या बहुत ज्यादा हो गई है।
जलकल विभाग भैरोघाट पंपिंग स्टेशन से गंगाजल खींच कर शुद्ध करके शहर में सप्लाई करता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी मोहम्मद सिकंदर का कहना है कि जलकल विभाग से शिकायत आई है, अधिकारियों की टीम भेजकर इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि अक्सर पेपर मिल और डिस्टलरी से जो प्रदूषित कचरा गंगा में आता है, उससे पानी के लाल होने की शिकायत आती रही है। कीड़े नालों के पानी की वजह से हो सकते हैं। बिठूर और इसके आसपास कई नाले गंगा में सीधे गिरते हैं।
जलकल विभाग की शिकायत में ये कहा गया
-पानी को प्योरिफाई (शुद्धीकरण) में दिक्कत आ रही है। गंगा का पानी शुद्घीकरण कर शहरियों को जलापूर्ति की जाती है
कीड़े युक्त पानी को प्योरिफाई करने में ज्यादा केमिकल प्रयोग करने से खर्च बढ़ गया है।
-पहले भी इस तरह की शिकायत की गई लेकिन अभी तक इसका हल नहीं निकला।
जिम्मेदारों ने ये कहा