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जर्मनी तकनीकी से कचरा मुक्त होगी गंगा, इंडो-जर्मन अनुबंध के तहत देश के तीन शहरों में चलेगा पायलट प्रोजेक्ट
Fri, 06 Aug 2021 07:02 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 06 Aug 2021 07:02 PM IST
सार
इंडो-जर्मन कोआपरेशन के तहत कानपुर को देश के उन तीन शहरों में शामिल किया गया है, जहां प्लास्टिक कचरे के निस्तारण और समुद्री पर्यावरण परियोजना को लागू किया जाना है।
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कानपुर में गंगा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जर्मनी के तकनीकी सहयोग से गंगा को कचरा मुक्त किया जाएगा। गंगा के साथ ही समुद्र में भी कचरा जाने से रोकने के लिए देश के तीन शहरों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके लिए गठित टीम ने गुरुवार को शहर में नालों, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण के साथ ही कूड़ा उठान से लेकर निस्तारण तक की व्यवस्था देखी।
इंडो-जर्मन कोआपरेशन के तहत कानपुर को देश के उन तीन शहरों में शामिल किया गया है, जहां प्लास्टिक कचरे के निस्तारण और समुद्री पर्यावरण परियोजना को लागू किया जाना है। अन्य दोनों शहरों में कोच्चि और पोर्ट ब्लेयर शामिल हैं। इस परियोजना के तहत जर्मन विकास शाखा (जीआईजेड) कचरे को एकत्र करने, अलग-अलग कर उसे निस्तारित करने के स्थल तक ले जाने वाली व्यवस्था को मजबूत करने में तकनीकी मदद करेगा।
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इंडो-जर्मन कोआपरेशन के तहत कानपुर को देश के उन तीन शहरों में शामिल किया गया है, जहां प्लास्टिक कचरे के निस्तारण और समुद्री पर्यावरण परियोजना को लागू किया जाना है। अन्य दोनों शहरों में कोच्चि और पोर्ट ब्लेयर शामिल हैं। इस परियोजना के तहत जर्मन विकास शाखा (जीआईजेड) कचरे को एकत्र करने, अलग-अलग कर उसे निस्तारित करने के स्थल तक ले जाने वाली व्यवस्था को मजबूत करने में तकनीकी मदद करेगा।
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परियोजना साढ़े तीन साल चलेगी। इससे कूड़ा डंपिंग स्थल में पर बोझ कम होगा। गंगा नदी और महासागरों में पहुंचने वाला कचरा भी कम होगा। जर्मन विकास शाखा ने नगर निगम के साथ कार्ययोजना बनाने के लिए बैठक की। नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जीआईजेड इंडिया की परियोजना निदेशक वैशाली नंदन, तकनीकी सलाहकार सबा खान, नगर निगम के मुख्य अभियंता एसके सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमित सिंह गौर के साथ ही केडीए, जलकल विभाग, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी शामिल रहे।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि बैठक के बाद जेआईजेड इंडिया की टीम ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ रफाका नाला, सीओडी नाला, शीतला बाजार में कूड़ा उठान, बिनगवां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में सीवेज शोधन, पनकी के भऊ सिंह स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट का निरीक्षण किया।
नगर निगम मुख्यालय में खुलेगा जीआईजेड का दफ्तर
इस काम के लिए नगर निगम मुख्यालय में जेआईजेड इंडिया का दफ्तर खोला जाएगा। दफ्तर में जेआईजेड इंडिया की परियोजना निदेशक वैशाली नंदन सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी बैठेंगे और यहां से परियोजना को अमलीजामा पहनाने में तकनीकी सहयोग करेंगे।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि बैठक के बाद जेआईजेड इंडिया की टीम ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ रफाका नाला, सीओडी नाला, शीतला बाजार में कूड़ा उठान, बिनगवां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में सीवेज शोधन, पनकी के भऊ सिंह स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट का निरीक्षण किया।
नगर निगम मुख्यालय में खुलेगा जीआईजेड का दफ्तर
इस काम के लिए नगर निगम मुख्यालय में जेआईजेड इंडिया का दफ्तर खोला जाएगा। दफ्तर में जेआईजेड इंडिया की परियोजना निदेशक वैशाली नंदन सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी बैठेंगे और यहां से परियोजना को अमलीजामा पहनाने में तकनीकी सहयोग करेंगे।