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जानें, ‘ट्रैस ब्रूम स्टीमर सिस्टम’ से कैसे निर्मल होंगी गंगा
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 02 Apr 2017 11:12 AM IST
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गंगा
नमामि गंगे परियोजना के तहत गंगा की गंदगी को साफ करने के लिए कानपुर के सीसामऊ नाले में अत्याधुनिक सिस्टम लगाया जा रहा है। यहां ट्रैस ब्रूम स्टीमर सिस्टम से नदी की ऊपरी सतह की गंदगी साफ होगी। यह सिस्टम चार-पांच दिन में काम करना शुरू कर देगा। यह एक तरह की छलनी जैसा है जो गंगा से गंदगी को छान-छान कर इकट्ठा करेगा।
केंद्र सरकार की तरफ से गंगा की सफाई के लिए कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी सहित पांच शहरों में विशेष तरह की मशीनें लगाई जा रही हैं। इन्हें लगाने और तीन साल तक संचालन करने की जिम्मेदारी कांफीडेंट इंजीनियरिंग इंडिया लिमिटेड कंपनी को सौंपी गई है। इस कंपनी के अधिकारी हर्ष कुमार ने बताया कि सीसामऊ नाले के आगे गोलाई में 30 मीटर लंबा ट्रैस बूम लगाया जा रहा है। ट्रैस बूम में ऊपर की तरफ बैलून की तरह फूला हुआ हिस्सा होता है, जो उससे टकराने वाली गंदगी को वहीं रोकेगा, जबकि उसमें नीचे की तरफ डेढ़ फीट लंबी जाली लगी होती है।
यह जाली ट्रेस बूम को उसी स्थान पर स्थिर रखती है। इसमें टकराकर हल्का कूड़ा, पॉलीथिन आदि भी पानी की सतह पर आ जाते हैं। ट्रेस स्टीमर से सतह का कूड़ा एकत्रित किया जाएगा। इस कूड़े-कचरे को गंगा से 50 मीटर दूर एकत्रित किया जाएगा, जहां से नगर निगम इसे उठाकर ले जाएगा। नगर निगम अफसरों ने बताया कि यह सिस्टम शहर के सबसे बड़े नाले सीसामऊ नाले में लगाया जा रहा है। इस व्यवस्था और इसके फायदों का आकलन कर केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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केंद्र सरकार की तरफ से गंगा की सफाई के लिए कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी सहित पांच शहरों में विशेष तरह की मशीनें लगाई जा रही हैं। इन्हें लगाने और तीन साल तक संचालन करने की जिम्मेदारी कांफीडेंट इंजीनियरिंग इंडिया लिमिटेड कंपनी को सौंपी गई है। इस कंपनी के अधिकारी हर्ष कुमार ने बताया कि सीसामऊ नाले के आगे गोलाई में 30 मीटर लंबा ट्रैस बूम लगाया जा रहा है। ट्रैस बूम में ऊपर की तरफ बैलून की तरह फूला हुआ हिस्सा होता है, जो उससे टकराने वाली गंदगी को वहीं रोकेगा, जबकि उसमें नीचे की तरफ डेढ़ फीट लंबी जाली लगी होती है।
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यह जाली ट्रेस बूम को उसी स्थान पर स्थिर रखती है। इसमें टकराकर हल्का कूड़ा, पॉलीथिन आदि भी पानी की सतह पर आ जाते हैं। ट्रेस स्टीमर से सतह का कूड़ा एकत्रित किया जाएगा। इस कूड़े-कचरे को गंगा से 50 मीटर दूर एकत्रित किया जाएगा, जहां से नगर निगम इसे उठाकर ले जाएगा। नगर निगम अफसरों ने बताया कि यह सिस्टम शहर के सबसे बड़े नाले सीसामऊ नाले में लगाया जा रहा है। इस व्यवस्था और इसके फायदों का आकलन कर केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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