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गंगा किनारे ‘संजीवनी’
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Wed, 24 Feb 2016 01:16 AM IST
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गंगा के किनारों को हराभरा करने के साथ-साथ औषधीय पौधे भी रोपे जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी गंगा मंत्रालय ने राष्ट्रीय नेहरू युवा केंद्र को सौंपी है। जल्द ही कानपुर के अलावा इलाहाबाद, बनारस में अभियान चलाकर गंगा के किनारों को संवारने का काम शुरू हो जाएगा। वहीं, गंगा किनारे खेतिहर भूमि को उपजाऊ बनाने का भी प्रयास किया जाएगा।
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गंगा किनारे स्थित 1600 से अधिक ग्राम पंचायतों और शहरों में, ‘एक दिन गंगा के लिए’ अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए जल संसाधन मंत्रालय से जुड़े गंगा मंत्रालय और नेहरू युवा केंद्र के बीच पिछले दिनों अनुबंध हुआ है। इस अनुबंध के तहत केंद्र के वालंटियर हरिद्वार से लेकर पश्चिम बंगाल तक गंगा घाटों की सुरक्षा करेंगे।
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इसके अलावा भौगोलिक परिस्थिति के अनुसार गंगा किनारों पर पौधे भी रोपेंगे। इनमें औषधीय पौधे लगाए जाने की बात भी कही गई है। वहीं, गंगा किनारे के आसपास खेतिहर भूमि को उपजाऊ बनाने की भी योजना है।
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फारेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट देहरादून और देश के अन्य वन अनुसंधान केंद्रों के जरिये यह तय किया जा रहा है कि गंगा के किस क्षेत्र में कौन सा पौधा लगाना उचित रहेगा। कुछ दिन पहले मुजफ्फरनगर में जल संसाधन मंत्री उमा भारती के नेतृत्व में पौधे लगाने की शुरुआत की गई थी। इस काम की जिम्मेदारी नेहरू युवा केंद्र पर है।