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Ganga Barrage Accident: घायल दूसरे किशोर की भी गई जान, परिजनों ने शव रखकर लगाया जाम, इन मांगों पर अड़े रहे

Fri, 27 Oct 2023 08:56 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 27 Oct 2023 08:56 PM IST
सार

Kanpur News: गुरुवार देर सड़क हादसे में दोनों किशोरों की मौत के बाद से ही रोड जाम पर हंगामा की पटकथा लिखी गई थी। इसके बाद भी कमिश्नरेट पुलिस, एलआईयू को इसकी भनक तक नहीं लगी। ये आलम तब है जब अगले 24 घंटे में सीएम शहर आने वाले हैं।

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Ganga Barrage Accident, Injured second teenager also lost his life, family members created a jam by placing th
kanpur road accident - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में गंगा बैराज पर गुरुवार रात हुए हादसे में घायल दूसरे किशोर आशीष ने भी दम तोड़ दिया। इधर हादसे से नाराज दोनों किशोरों के परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर गंगा बैराज स्थित पुलिस चौकी पहुंचे। जहां चौकी के सामने बर्फ की सिल्ली पर शव रखकर कानपुर उन्नाव रोड जाम कर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामें की सूचना पर फोर्स संग मौके पर पहुंचे एसीपी स्वरूपनगर और कर्नलगंज ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह मृतक के परिजनों को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा और कार में सवार तीनों नाबालिगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे।

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काफी मान मनौव्वल के बाद परिजन शव को उठाने के लिए राजी हुए। गुरुवार रात शुक्लागंज से कानपुर की ओर आ रही बेकाबू कार ने गंगा बैराज स्थित रामजी कश्यप, पप्पू, आजाद समेत छह की दुकानों को तोड़ते हुए रामजी कश्यप की दुकान में काम करने वाले दो किशोरों सागर (16) और आशीष (15) को कुचल दिया था। इसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे से नाराज स्थानीय दुकानदारों ने कार सवार चार किशोरों को दबोच लिया। इसके बाद उनकी पिटाई शुरू कर दी थी।

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डॉक्टर का बेटा है कार चालक नाबालिग
हादसे की सूचना पर फोर्स संग मौके पर पहुंचे एसीपी कर्नलगंज ने चारों किशोरों को भीड़ से छुड़ाकर हिरासत में ले लिया। पूछताछ में कार चालक किशोर ने बताया कि वह काकादेव निवासी सर्जन डॉ. संदेश कटियार का बेटा है। उसके साथ कार में दर्शनपुरवा निवासी नाबालिग दोस्त, अफीम कोठी निवासी नाबालिग दोस्त और शांति नगर निवासी नाबालिग दोस्त सवार मौजूद थे। शुक्रवार दोपहर करीब 3.30 बजे पुलिस ने दोनों किशोरों का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सुपुर्द कर दिया।

दो एसीपी सर्किल के फोर्स संग मौके पर पहुंचे
परिजन शव घर ले जाने के बजाए गंगा बैराज स्थित पुलिस चौकी पहुंचे। जहां परिजनों ने इलाकाई और ग्रामीणों की मदद से शव को चौकी के बाहर बीच सड़क पर बर्फ की सिल्ली पर शव को लिटा दिया। इसके बाद मुआवजा और कार सवार किशोरों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इससे कानपुर शुक्लागंज रोड पर वाहनों की लंबी कतारे लग गई। इधर रोड जाम और हंगामे की सूचना पर दो एसीपी सर्किल के फोर्स संग मौके पर पहुंचे। शाम 5.30 बजे दूसरी तरफ की सड़क भी बंद कर दी गई और हंगामा बढ़ गया।

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हादसे के वक्त मैगी बनाते वक्त अशीष से बात कर रहा थ सागर
परिजनों ने बताया कि हादसे में घायल सागर की पहले मौत हो गई। इसके दो घंटे बाद भी आशीष ने भी दम तोड़ दिया। हादसे में दोनों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। सागर के परिवार में पिता मेवालाल, भाई विशाल हैं। वहीं वर्ष 2021 में उसकी मां गुड्डी की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। बड़ी बहन मुस्कान की शादी हो चुकी है वहीं पायल छोटी ह। पिता मेवालाल ने बताया कि सागर 15 दिन पहले ही रामजी कश्यप की दुकान में काम करने आया था। गुरुवार देर शाम सागर राम जी की दुकान पर मैगी बना रहा था, जबकि आशीष पास में ही खड़ा था। तभी हादसे का शिकार हो गया।

सिर की हड्डियां टूटने और ज्यादा खून बहने से हुई मौत
हादसे में नाबालिग सागर निषाद के सिर की आधा दर्जन से ज्यादा हड्डियां टूटी मिलीं और ज्यादा खून बहने की वजह से ही उसकी मौत की वजह बताई गई है। वहीं दूसरे मृतक आशीष के सिर की हड्डियां टूटी मिलीं और ज्यादा खून बहने से मौत की बात सामने आई। हार्ट और लीवर भी पंक्चर मिले हैं।

एक बार फिर से फेल हुई एलआईयू
गुरुवार देर सड़क हादसे में दोनों किशोरों की मौत के बाद से ही रोड जाम पर हंगामा की पटकथा लिखी गई थी। इसके बाद भी कमिश्नरेट पुलिस, एलआईयू को इसकी भनक तक नहीं लगी। ये आलम तब है जब अगले 24 घंटे में सीएम शहर आने वाले हैं। वहीं देर शाम तक पुलिस मोबाइल से वीडियो ग्राफी करती रही और मीडिया कर्मियों के जाने का इंतजार करती रही।

दिन ढलते ही चौकी में पड़ जाता है ताला
स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे रोकने के लिए बैराज के दोनों तरफ पुलिस चौकी बनाई गई हैं। इसके बाद भी यहां पुलिस की तैनाती नहीं रहती है। दिन ढलते ही दोनों चौकियों में ताला लग जाता है। बैराज पर संचालित सभी मैगी की दुकाने पुलिस की शह पर अवैध रूप से संचालित हो रही है। उन्नाव और कानपुर के तमाम पुलिस और प्रशासन के अधिकारी यहां से रोज निकलते हैं, लेकिन किसी की नजर में न तो यहां खड़े अराजक तत्व दिखाई देते हैैं और न ही ये मैगी की अवैध दुकानें।

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