पंचगव्य से बनाईं भगवान की मूर्तियां, कुंभ मेला में विदेशी सैलानी, साधु-संत हर कोई कर रहा तारीफें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विवेक ने बताया कि कुंभ में लोगों को पंचगव्य (गाय के दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर का पानी को सामूहिक रूप से पंचगव्य कहा जाता है।) से बनीं मूर्तियां खासा पसंद आ रही हैं, विदेशी सैलानी हो या फिर साधु-संत हर कोई इन मूर्ति की तारीफ कर रहे हैं। इन मूर्तियों के माध्यम से विवेक ने बताया कि यह इको फ्रेंडली मूर्तियां हैं, जो गंगा को प्रदूषित नहीं करेंगी और गाय के महत्व को भी बताएंगी। उन्होंने लोगों से प्लास्टर ऑफ पेरिस के बजाय पंचगव्य की मूर्तियों को पूजने और विसर्जित करने के लिए जागरूक किया। इन मूर्तियों को कैसे जाए, विवेक इसकी जानकारी भी दे रहे हैं।
निशुल्क बांटेगे मूर्तियां
विवेक ने बताया की भगवान शंकर, गंगा मइया, गणपति, दुर्गा मां आदि भगवान की मूर्तियां उन्होंने बनाई हैं। इन सभी मूर्तियों को वह कुंभ में आए सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच निशुल्क वितरित करेंगे। इन मूर्तियों की खास बात यह भी है कि इसमें खाने वाले रंगों का इस्तेमाल किया गया है।