Fraud: जमीनों की रजिस्ट्रियां धड़ाधड़, स्टांप में खेल, 100 से अधिक मामलों में हो चुका है मुकदमा
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कानपुर में जमीनों की खरीद-फरोख्त में कम स्टांप पेपर लगाकर रजिस्ट्री कराने का खेल काफी दिनों से चल रहा है। इसी खेल में हर महीने 40 से 50 करोड़ के राजस्व का नुकसान किया जा रहा है। इस तरह के 100 से अधिक मामले अब तक सामने आ चुके हैं, जिन पर कम स्टांप पेपर लगाने के मुकदमा दर्ज हो चुका है। शासन स्तर पर इनकी जांच भी लंबित है।
व्यवस्था यह है कि रजिस्ट्री के बाद खरीदी गई जमीन का स्थलीय सत्यापन कर जमीन की लागत के अनुसार उतने मूल्य का स्टांप पेपर लगा है या नहीं इसकी जांच की जाती है। यदि कम स्टांप मिलता है तो उसके खिलाफ आरसी जारी की जाती है। अभी भी करीब 40 प्रतिशत ऐसी रजिस्ट्रियां हैं, जिसमें निर्धारित मूल्य से कम का स्टांप लगाकर रजिस्ट्रयां करा ली गईं और जांच में सब कुछ ठीक भी बताया दिया गया। वर्तमान में इस तरह का सबसे चर्चित मामला राकेश सचान की पत्नी सीमा सचान के नाम से की गई जमीन की खरीद का भी है।
सर्किल रेट बढ़ने की सूचना पर बढ़ी जमीनों की खरीद
सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी को देखते हुए जमीनों को खरीदने का सिलसिला तेज हो गया है। रोजाना करीब 100 से 150 रजिस्ट्रयां कराई जा रही हैं। जिससे पुराने सर्किल रेट के आधार पर ही रजिस्ट्री हो सके। शासन के निर्देश पर सितंबर महीने में सर्किल रेट बढ़ाने की योजना है। जिला प्रशासन की ओर से शहर के उन क्षेत्रों में सर्किल रेट बढ़ाने की योजना है कि जो आउटर के हैं, और जहां पर इस समय अधिक निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें नौबस्ता, बिठूर, पनकी, कल्याणपुर, चकेरी, श्यामनगर, शिवली रोड, जाजमऊ के आगे हाईवे के किनारे, गंगा बैराज के आसपास जैसे स्थान शामिल हैं। सर्किल रेट 2018 के बाद से अभी तक नहीं बढ़ाया गया।
रजिस्ट्रियों के बाद उनका स्थलीय सत्यापन कराया जा रहा है। जिनमें कम स्टांप पेपर कम मिल रहे हैं, उनको नोटिस दी जाएगी, साथ में आरसी जारी कर जुर्माना भी वसूला जाएगा। इसके लिए संबंधित विभाग को भी निर्देश दे दिए गए हैं। - राजेश कुमार एडीएम वित्त एवं राजस्व