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तालाब और झीलों की काई से बनेगा ईंधन, पीएम मोदी के पास भेजा जाएगा प्रोजेक्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:24 PM IST
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कानपुर के हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के ऑयल टेक्नोलॉजी विभाग की लैबोरेट्री में एक नई तकनीक विकसित की जा रही है। यह तकनीक है काई से तेल निकालना। नदी, तालाब, झील, झरने के आसपास लगने वाली काई से ईंधन बनाया जा सकता है। टेक्निकल यूनिवर्सिटी में यह प्रोजेक्ट लगभग पूरा ही होने वाला है। इस प्रोजेक्ट को दो महीने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पेश किया जाएगा।
यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने बताया कि काई में औसतन 40 फीसद लिपिड होता है। इस लिपिड में मोनो गिलिस्राइड, डाई गिलिस्राइड, ट्राई गिलिस्राइड, फैटी एसिड, कोलेस्ट्राल आदि होते हैं। डाई गिलिस्राइड, मोनो गिलिस्राइड की अधिकता वाली काई को ईंधन में प्रयोग किया जाता है। ऑयल विभाग के अध्यक्ष प्रो. आरके त्रिवेदी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखा जाएगा। यह प्रोजेक्ट किसानों के लिए काफी लाभदायक साबित होने वाला है।
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यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने बताया कि काई में औसतन 40 फीसद लिपिड होता है। इस लिपिड में मोनो गिलिस्राइड, डाई गिलिस्राइड, ट्राई गिलिस्राइड, फैटी एसिड, कोलेस्ट्राल आदि होते हैं। डाई गिलिस्राइड, मोनो गिलिस्राइड की अधिकता वाली काई को ईंधन में प्रयोग किया जाता है। ऑयल विभाग के अध्यक्ष प्रो. आरके त्रिवेदी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखा जाएगा। यह प्रोजेक्ट किसानों के लिए काफी लाभदायक साबित होने वाला है।
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