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Kanpur News: खेत से लेकर सड़कों तक छुट्टा मवेशियों का जमावड़ा

Sat, 10 Jan 2026 01:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Sat, 10 Jan 2026 01:02 AM IST
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From farms to roads, stray cattle gather
राजपुर। खेत-खलिहान से लेकर सड़कों तक छुट्टा मवेशियों का जमावड़ा एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। यह समस्या न केवल किसानों के लिए आफत बनी हुई है बल्कि यातायात व्यवस्था को भी बाधित कर दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। आवारा पशुओं के कारण फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। रात में खेतों में घुसकर मवेशी खड़ी फसलों को चर जाते हैं। जिससे किसानों को भारी क्षति उठानी पड़ती है।
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छुट्टा मवेशियों को गोशाला में संरक्षण करनेे के निर्देश हैं। जिम्मेदारों की अनदेखी से सड़क से लेकर खेत तक छुटटा मवेशी डेरा डाले हैं। नगर निकाय व ग्रामीण इलाकों में छुटटा मवेशियों को पकड़ कर गोशाला भेजने के निर्देश हैं। नगरीय क्षेत्र में ईओ व ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम सचिव को छुट्टा मवेशियों को पकड़वाने की जिम्मेदारी दी गई है। जिले में 94 गोशालाएं हैं। राजपुर व अमरौधा ब्लॉक क्षेत्र में छोटी बड़ी करीब 20 गोशाला हैं। इसके बाद ही छुटटा मवेशी सड़कों व खेत में डेरा डाले हैं। फसलों की सुरक्षा के लिए किसान सर्दी में खेत पर बने मचान में बैठक फसल रखवाली करने को मजबूर हैं। बैलाही बाजार में छुट्टा मवेशी डेरा डाले रहते हैं। इस ओर किसी जिम्मेदार की नजर नहीं पड़ रही है। सिकंदरा एसडीएम प्रदुम्न कुमार ने बताया कि नगरीय क्षेत्र में ईओ व ग्रामीण क्षेत्र में बीड़ीओ को छुट्टा मवेशियों को गौशाला भेजने की जिम्मेदारी है।
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केस एक :
अमरौधा ब्लॉक के शाहजहांपुर में सटटी थाना के समीप छुट्टा मवेशियों का झुंड शुक्रवार दोपहर में दिखा। रात में ये सड़क के बीचों बीच बैठ जाते हैं। इससे वाहन चालकों को परेशानी होती है। दुर्घटना का खतरा भी रहता है। 6 जनवरी को रुरगांव के सामने बाइक सवार फैजअलीपुर निवासी शकील की बाइक छुट्टा मवेशियों के झुंड से टकरा गई थी। इसमें वह घायल हो गए थे।
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केस दो :
राजपुर के सरदारपुर में शुक्रवार को जगजीवन के आलू के खेत में छुट्टा मवेशियों का झुंड घुस आया। फसल रखवाली कर रहे किसान ने मशक्कत कर इन मवेशियों को खेत से भगाया। इसपर मवेशी दूसरे किसान के खेत में घुस गए और फसल चरने लगे।

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बोले किसान
छुट्टा मवेशियों को जिम्मेदार नहीं पकड़ रहे हैं। इसकी वजह से फसलों का नुकसान होता है। कई बार हादसे भी होते हैं। - संत कुमार, इटखुदा
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सटटी थाना के सामने तालाब के पास छुट्टा मवेशियों का झुंड रहता है। मवेशी सड़क पर धमाचौकड़ी मचाते नजर आते है मगर कोई इन्हें पकड़ कर गोेशाला नहीं भिजवा रहा है। - निर्मल, शाहजहांपुर

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ग्रामीण क्षेत्र में सबसे ज्यादा फसलों को नुकसान
यह छुट्टा पशु सबसे ज्यादा किसानों के लिए सिर दर्द बने हुए हैं। लगातार उनकी फसलें बर्बाद कर रहे हैं। अब तो किसान अपने खेतों की तारकशी कराते-कराते थक गए हैं। कुछ इलाकों में तो यह हाल है कि तारकशी कराने से दूसरे खेतों में जाने के रास्ते तक बंद हो गए हैं। ऐसे में न तो किसान सुरक्षित है और न ही उनकी फसलें सुरक्षित हैं। इन छुट्टा पशुओं वजह से छोटे-छोटे बच्चे तक खेत पर जाने से डर रहे हैं।
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