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संकट के सिपाही: रोजाना 80 रोगियों का कर रहे निशुल्क इलाज, नॉन कोविड रोगियों के लिए फरिश्ता बने डॉ. मुकेश
Sat, 08 May 2021 08:59 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 08 May 2021 08:59 PM IST
सार
ऐसे वक्त जब नॉन कोविड रोगियों को ढंग से इलाज नहीं मिल रहा है, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व छात्र डॉ. मुकेश गुप्ता (फिजीशियन) लोगों के लिए फरिश्ता बनकर सामने आए हैं।
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डॉ मुकेश गुप्ता
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कानपुर में महामारी के वक्त जब नॉन कोविड रोगियों को ढंग से इलाज नहीं मिल रहा है, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व छात्र डॉ. मुकेश गुप्ता (फिजीशियन) लोगों के लिए फरिश्ता बनकर सामने आए हैं। डॉ. गुप्ता प्रतिदिन रोगियों को निशुल्क देखते हैं।
किसी में कोविड के लक्षण मिलते हैं तो स्वास्थ्य केंद्र पर उसकी जांच करवाकर कोविड अस्पताल भिजवा देते हैं। डॉ. गुप्ता की क्लीनिक मैनावती मार्ग पर जागेश्वर मंदिर के पास है। शहरियों के साथ ग्रामीण भी उनके पास पहुंच रहे हैं।
यहां सारी सेवा निशुल्क है। डॉ. गुप्ता ने बताया कि औसत 80 रोगी प्रतिदिन देखते हैं। रोगियों को दवा बाहर से लेनी पड़ती है, लेेकिन सामान्य तौर पर एक दिन की 30 रुपये से अधिक दवा नहीं होती।
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वैसे डॉ. गुप्ता एक निजी अस्पताल में आईसीयू प्रभारी हैं, लेकिन लोगों की सेवा के लिए क्लीनिक चलाते हैं। उन्होंने बताया कि कोविड काल गुजरने के बाद दूसरी विशेषज्ञताओं की निशुल्क ओपीडी शुरू करेंगे। सहयोगियों से बात कर ली है।
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किसी में कोविड के लक्षण मिलते हैं तो स्वास्थ्य केंद्र पर उसकी जांच करवाकर कोविड अस्पताल भिजवा देते हैं। डॉ. गुप्ता की क्लीनिक मैनावती मार्ग पर जागेश्वर मंदिर के पास है। शहरियों के साथ ग्रामीण भी उनके पास पहुंच रहे हैं।
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यहां सारी सेवा निशुल्क है। डॉ. गुप्ता ने बताया कि औसत 80 रोगी प्रतिदिन देखते हैं। रोगियों को दवा बाहर से लेनी पड़ती है, लेेकिन सामान्य तौर पर एक दिन की 30 रुपये से अधिक दवा नहीं होती।
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वैसे डॉ. गुप्ता एक निजी अस्पताल में आईसीयू प्रभारी हैं, लेकिन लोगों की सेवा के लिए क्लीनिक चलाते हैं। उन्होंने बताया कि कोविड काल गुजरने के बाद दूसरी विशेषज्ञताओं की निशुल्क ओपीडी शुरू करेंगे। सहयोगियों से बात कर ली है।