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साइबर ठगी का मामला: निवेश के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड विदेशी है, तफ्तीश में सामने आई ये बात
Wed, 20 Jul 2022 10:07 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 20 Jul 2022 10:07 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
फेक वेबसाइट बनाकर निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड विदेशी है। क्राइम ब्रांच को इस संबंध में कुछ साक्ष्य तफ्तीश के दौरान मिले हैं। यह विदेशी शख्स भारत में ही बैठा है या विदेश में है। इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। नाइजीरियन ठग होने की आशंका है। क्राइम ब्रांच उसको ट्रेस करने के प्रयास में लगी है।
क्राइम ब्रांच की टीम ने सोमवार को आगरा निवासी विकास, विक्रम, नितिन सोनी व राहुल नागर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने दावा किया था सिविल लाइंस निवासी शेयर कारोबारी फैजउर रहमान से गिरोह ने आरोपियों ने 11 लाख रुपये की ठगी की थी। फेक वेबसाइट के जरिये जाल में फंसाया।
उसी के जरिये खाते में रकम जमा कराई और फिर वेबसाइट क्रैश करवा दी थी। इन आरोपियों ने अपनी कंपनी श्यामा इंटरप्राइजेज के खाते में रकम जमा कराई थी। इसी के जरिये क्राइम ब्रांच ने उनको ट्रेस कर लिया था। क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया के जरिये यह चारों विदेशी ठग के संपर्क में आए।
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उसकी मदद से फेक वेबसाइट बनाई। फेक खाते खुलवाए। जिसका इस्तेमाल वह ठगी के लिए करते थे। ठगी का मास्टरमाइंड इन सभी को हर महीने एक मुश्त रकम देता था। सूत्रों के मुताबिक यह मास्टरमाइंड नाइजीरियन है। क्राइम ब्रांच जल्द उस तक पहुंच सकती है।
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क्राइम ब्रांच की टीम ने सोमवार को आगरा निवासी विकास, विक्रम, नितिन सोनी व राहुल नागर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने दावा किया था सिविल लाइंस निवासी शेयर कारोबारी फैजउर रहमान से गिरोह ने आरोपियों ने 11 लाख रुपये की ठगी की थी। फेक वेबसाइट के जरिये जाल में फंसाया।
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उसी के जरिये खाते में रकम जमा कराई और फिर वेबसाइट क्रैश करवा दी थी। इन आरोपियों ने अपनी कंपनी श्यामा इंटरप्राइजेज के खाते में रकम जमा कराई थी। इसी के जरिये क्राइम ब्रांच ने उनको ट्रेस कर लिया था। क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया के जरिये यह चारों विदेशी ठग के संपर्क में आए।
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उसकी मदद से फेक वेबसाइट बनाई। फेक खाते खुलवाए। जिसका इस्तेमाल वह ठगी के लिए करते थे। ठगी का मास्टरमाइंड इन सभी को हर महीने एक मुश्त रकम देता था। सूत्रों के मुताबिक यह मास्टरमाइंड नाइजीरियन है। क्राइम ब्रांच जल्द उस तक पहुंच सकती है।