कानपुरः बैंक ऑफ इंडिया में करोड़ों का फर्जीवाड़ा, सुपरवाइजर तैनात
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बैंक आफ इंडिया की महाराजपुर शाखा में दर्जन भर खाताधारकों के खातों में कई करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा हुआ है। बैंक का क्षेत्रीय कार्यालय फर्जीवाड़े की सही रकम का आकलन कर रहा है।
बैंक शाखा में भारी अनियमितताओं की आशंका में क्षेत्रीय प्रबंधक ने शाखा प्रबंधक मनीष सागर के अधिकार सीमित करके वहां एक सुपरवाइजर की तैनाती कर दी है। क्षेत्रीय कार्यालय में दिन भर खातों में हुई हेरफेर की जांच चलती रही। पूरे प्रकरण में शाखा प्रबंधक की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बैंक आफ इंडिया की महाराजपुर शाखा में गुरुवार को खाताधारकों ने खातों में धांधली का आरोप लगाकर हंगामा किया था। हाथीपुर निवासी रिटायर्ड पीडब्लूडी कर्मी शिवशंकर यादव ने बताया कि उनके खाते में 13 लाख रुपये जमा था।
बीते सोमवार को पास बुक में इंट्री कराई तो पता चला कि मात्र सात हजार रुपये बचे हैं। शिव शंकर ने प्रबंधक मनीष सागर से शिकायत की तो पता चला कि रकम किसी किरन देवी और बृजमोहन समेत कई अन्य लोगों के खातों में ट्रांसफर हुई है। केवाईसी के जरिये पता चला कि किरन देवी और बृजमोहन बैंक में कार्यरत अस्थायी कर्मचारी पंकज गुप्ता के माता पिता हैं।
इनके खाते में 14 फरवरी को 15 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। इसी तरह करीब नौ लाख रुपये पंकज की बहन और दोस्त अंकित गुप्ता के खाते में भी ट्रांसफर हुए। पता चला कि पूरी रकम पंकज ने ट्रांसफर की थी। बाद में यह रकम संबंधित खाताधारकों के खातों में वापस की गई।
दर्जन भर खातों से कम हुई रकम
इस घटना के बाद अन्य खाताधारकों ने खातों में जमा धन की जानकारी की तो कई के खातों में रकम कम निकली। महाराजपुर निवासी किसान चंद्रपाल ने बताया कि उनके और पत्नी के खाते में 10-10 लाख रुपये जमा थे। वे पैसे निकालने बैंक गए तो खाते में रकम कम निकली।
महाराजपुर के ही महावीर पासवान के खाते से 20 लाख, फत्तेपुरवा के भूरा कुरील के खाते से 17.5 लाख, (6-6 लाख की दो एफडी व 5.5 लाख बचत खाते से), सलेमपुर निवासी विनय तिवारी के खाते से 7.5 लाख, हाथीपुर की राजकुमारी के खाते से 10 लाख रुपये, महाराजपुर की सविता देवी के खाते से 1.3 लाख की रकम निकाल ली गई है। इनके अलावा भी बड़ी संख्या में लोगों ने रकम कम होने की बात कही, लेकिन बैंक की ओर से स्टेटमेंट देने से मना कर दिया गया।
पूरे प्रकरण की जांच चल रही है। बैंक में निगरानी के लिए सुपरवाइजर की तैनाती की गई है। हर पहलू को गंभीरता से समझा जा रहा है। सभी की भूमिका देखी जा रही है। गड़बड़ी करने वाला अस्थायी कर्मचारी हो या स्थायी, दोषी पाए जाने पर एफआईआर कराई जाएगी। खाताधारकों को इतना निश्चिंत करूंगा कि किसी का पैसा कहीं नहीं जाएगा। पूरी पारदर्शिता से जांच की जा रही है।
-प्रशांत सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, बैंक ऑफ इंडिया