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मिलीभगत से पट्टेदारों ने बेच दीं बेशकीमती जमीनें
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कानपुर देहात। अकबरपुर के नागिन जसी में आवंटित कृषि भूमि निकाय प्रशासन की मिलीभगत से पट्टेदारों ने बेच दी। जिला समन्वय समिति से की गई शिकायत पर जांच हुई तो इसका खुलासा हुआ। जांच टीम ने नगर पंचायत ईओ को तत्काल भूमि बेचने वालों पर मुकदमा दर्ज कराने को कहा है।
नागिन जसी के रहने वाले गया प्रसाद पाल व रामशंकर ने जिला समन्वय समिति के अध्यक्ष सांसद देवेंद्र सिंह भोले के समक्ष शिकायत की थी कि वर्ष 1978 में किए गए कृषि भूमि के 62 आवंटन रद्द कर दिए गए थे। बाद में 13 लोगों ने आयुक्त से अपील की। इस पर आंशिक तौर पर निगरानी स्वीकार कर एडीएम कोर्ट को गुण दोष के आधार पर निर्णय करने को कहा गया। इधर, मिलीभगत से खतौनी में दर्ज आयुक्त के आदेश को हटाकर 13 पट्टेदारों ने करोड़ों की भूमि बेच दी।
डीएम के निर्देश पर सीडीओ, तहसीलदार भोगनीपुर रामशंकर व चकबंदी अधिकारी उदय प्रताप वर्मा ने जांच की। जांच में खुलासा हुआ कि पट्टेदारों ने निकाय प्रशासन की संलिप्तता से बेशकीमती भूमि बेच दी है। ईओ अकबरपुर के स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही बेशकीमती भूमि को सुरक्षित किया गया। सीडीओ सौम्या पांडेय ने बताया कि नगर पंचायत प्रशासन को भूमि बेचने वालों पर सुसंगत धाराओं में कार्रवाई करने को कहा गया है। रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है।
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नागिन जसी के रहने वाले गया प्रसाद पाल व रामशंकर ने जिला समन्वय समिति के अध्यक्ष सांसद देवेंद्र सिंह भोले के समक्ष शिकायत की थी कि वर्ष 1978 में किए गए कृषि भूमि के 62 आवंटन रद्द कर दिए गए थे। बाद में 13 लोगों ने आयुक्त से अपील की। इस पर आंशिक तौर पर निगरानी स्वीकार कर एडीएम कोर्ट को गुण दोष के आधार पर निर्णय करने को कहा गया। इधर, मिलीभगत से खतौनी में दर्ज आयुक्त के आदेश को हटाकर 13 पट्टेदारों ने करोड़ों की भूमि बेच दी।
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डीएम के निर्देश पर सीडीओ, तहसीलदार भोगनीपुर रामशंकर व चकबंदी अधिकारी उदय प्रताप वर्मा ने जांच की। जांच में खुलासा हुआ कि पट्टेदारों ने निकाय प्रशासन की संलिप्तता से बेशकीमती भूमि बेच दी है। ईओ अकबरपुर के स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही बेशकीमती भूमि को सुरक्षित किया गया। सीडीओ सौम्या पांडेय ने बताया कि नगर पंचायत प्रशासन को भूमि बेचने वालों पर सुसंगत धाराओं में कार्रवाई करने को कहा गया है। रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है।
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