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Kanpur News: एक झटके में उजड़े चार घर, पीछे छूट गया इंतजार
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कानपुर। तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का वह मंजर जैसे किसी भयावह कहानी से कम नहीं था। आसमान पर छाए काले बादल और तेज हवाओं के कारण मजबूत से मजबूत पेड़ भी टिक नहीं पा रहे थे। चारों तरफ सड़क पर अफरातफरी का माहौल था। शनिवार को अचानक आई इस आपदा में एक झटके में चार जिंदगियों के साथ उनके घर उजड़ गए।
तेज हवा के साथ ओले गिर रहे थे, जिससे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। काकादेव में सालों पुराने विशालकाय पेड़ के नीचे दबकर वृद्धा जमुना देवी और ऑटो चालक सोनू की मौके पर ही मौत हो गई। गुजैनी एलिवेटेड पर फिसलन भरी सड़क पर अनियंत्रित बाइक फिसलने से बैंककर्मी नरेंद्र कुमार को ट्रक ने रौंद दिया।
वहीं पनकी में आंधी पानी में बाइक से फिसले आयुष प्रजापति को भागने में हाइड्रा ने रौंद दिया। लेकिन इससे भी ज्यादा दर्दनाक तस्वीर उन घरों की थी, जहां लोग अपने प्रियजनों का इंतजार कर रहे थे। किसी माँ ने बेटे के लौटने के लिए खाना गर्म रखा होगा, तो कहीं पत्नी अपने पति के आने की राह देख रही होगी। किसी बच्चे ने अपने पिता के साथ खेलने के सपने संजोए होंगे। पर किसे पता था कि यह इंतजार कभी खत्म नहीं होगा।
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जैसे ही हादसे की खबर घरों तक पहुंची, हर तरफ मातम छा गया। आंखों के सामने अपने प्रिय की छवि बार-बार उभर रही थी। पूरे घटनाक्रम में पुलिस, दमकलकर्मियों और राहगीरों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए एक दूसरे की मदद की।
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तेज हवा के साथ ओले गिर रहे थे, जिससे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। काकादेव में सालों पुराने विशालकाय पेड़ के नीचे दबकर वृद्धा जमुना देवी और ऑटो चालक सोनू की मौके पर ही मौत हो गई। गुजैनी एलिवेटेड पर फिसलन भरी सड़क पर अनियंत्रित बाइक फिसलने से बैंककर्मी नरेंद्र कुमार को ट्रक ने रौंद दिया।
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वहीं पनकी में आंधी पानी में बाइक से फिसले आयुष प्रजापति को भागने में हाइड्रा ने रौंद दिया। लेकिन इससे भी ज्यादा दर्दनाक तस्वीर उन घरों की थी, जहां लोग अपने प्रियजनों का इंतजार कर रहे थे। किसी माँ ने बेटे के लौटने के लिए खाना गर्म रखा होगा, तो कहीं पत्नी अपने पति के आने की राह देख रही होगी। किसी बच्चे ने अपने पिता के साथ खेलने के सपने संजोए होंगे। पर किसे पता था कि यह इंतजार कभी खत्म नहीं होगा।
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जैसे ही हादसे की खबर घरों तक पहुंची, हर तरफ मातम छा गया। आंखों के सामने अपने प्रिय की छवि बार-बार उभर रही थी। पूरे घटनाक्रम में पुलिस, दमकलकर्मियों और राहगीरों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए एक दूसरे की मदद की।