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Kanpur News: नवरात्र में बन रहे चार महायोग, बाजारों में बढ़ेगी रौनक
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कानपुर। शारदीय नवरात्र में 17 से 20 अक्तूबर के बीच कई शुभ योग बनने की ज्योतिषीय मान्यता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दौरान बुधादित्य राजयोग, त्रिग्रही योग, नीचभंग राजयोग और सर्वार्थ सिद्धि योग का प्रभाव रहेगा। इन योगों को सुख-समृद्धि, कॅरिअर में उन्नति और व्यापारिक गतिविधियों के लिए शुभ माना जाता है। नवरात्र के दौरान खरीदारी बढ़ने से बाजारों में भी रौनक बढ़ने की उम्मीद है।
वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य पंडित पीएन द्विवेदी ने बताया कि बुधादित्य राजयोग को बुद्धि, व्यापार और कॅरिअर में प्रगति से जोड़कर देखा जाता है। वहीं त्रिग्रही योग और नीचभंग राजयोग भी शुभ फल देने वाले माने जाते हैं। उन्होंने बताया कि 18 और 19 अक्तूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस योग में किए गए कार्यों में सफलता की संभावना रहती है।
शारदीय नवरात्र की महासप्तमी 17 अक्तूबर, महाअष्टमी 18 अक्तूबर और महानवमी 19 अक्तूबर को पड़ रही है। पंचांग के अनुसार इसी अवधि में गजकेसरी योग का प्रभाव भी रहेगा। ज्योतिषाचार्य द्विवेदी के मुताबिक इन योगों के दौरान व्यापार में उन्नति और खरीदारी में तेजी की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को भी पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं। ज्योतिषाचार्य प्रीति पवन तिवारी ने बताया कि इस अवधि को व्यापार जगत के लिए अनुकूल माना जा रहा है। खुदरा कारोबार, बैंकिंग, फाइनेंस और साझेदारी वाले व्यवसायों में तेजी की संभावना है। विदेशी व्यापार से जुड़े लोगों को भी लाभ के अवसर मिल सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार तुला, कन्या, कुंभ, मेष और मिथुन राशि के जातकों को व्यापार विस्तार के अवसर मिल सकते हैं।
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सावधानी
सरकारी कामकाज, टैक्स और कानूनी दस्तावेज से जुड़े मामलों में सतर्क रहें।
बड़ा निवेश करने या कर्ज लेने से पहले सभी दस्तावेज की जांच करें।
सट्टेबाजी में भावनाओं के आधार पर निर्णय लेने से बचें।
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वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य पंडित पीएन द्विवेदी ने बताया कि बुधादित्य राजयोग को बुद्धि, व्यापार और कॅरिअर में प्रगति से जोड़कर देखा जाता है। वहीं त्रिग्रही योग और नीचभंग राजयोग भी शुभ फल देने वाले माने जाते हैं। उन्होंने बताया कि 18 और 19 अक्तूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस योग में किए गए कार्यों में सफलता की संभावना रहती है।
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शारदीय नवरात्र की महासप्तमी 17 अक्तूबर, महाअष्टमी 18 अक्तूबर और महानवमी 19 अक्तूबर को पड़ रही है। पंचांग के अनुसार इसी अवधि में गजकेसरी योग का प्रभाव भी रहेगा। ज्योतिषाचार्य द्विवेदी के मुताबिक इन योगों के दौरान व्यापार में उन्नति और खरीदारी में तेजी की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को भी पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं। ज्योतिषाचार्य प्रीति पवन तिवारी ने बताया कि इस अवधि को व्यापार जगत के लिए अनुकूल माना जा रहा है। खुदरा कारोबार, बैंकिंग, फाइनेंस और साझेदारी वाले व्यवसायों में तेजी की संभावना है। विदेशी व्यापार से जुड़े लोगों को भी लाभ के अवसर मिल सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार तुला, कन्या, कुंभ, मेष और मिथुन राशि के जातकों को व्यापार विस्तार के अवसर मिल सकते हैं।
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सट्टेबाजी में भावनाओं के आधार पर निर्णय लेने से बचें।