Kanpur: आंबेडकर प्रतिमा के अपमान पर भड़के पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी, तहसीलदार-लेखपाल पर कार्रवाई की मांग
Kanpur News: रनियां क्षेत्र के फत्तेपुर रोशनाई गांव में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के पास गंदगी फैलाने और कथित कब्जे के प्रयास को लेकर सोमवार को पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने कलक्ट्रेट परिसर में सांकेतिक धरना दिया।
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रनियां के फत्तेपुर रोशनाई में संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थल पर गंदगी फैलाने और अवैध कब्जे के प्रयास से नाराज राज्यमंत्री के पति व पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने सोमवार दोपहर जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर अचानक सांकेतिक धरना देकर सनसनी फैला दी।
पूर्व सांसद और उनके समर्थकों ने कलेक्ट्रेट परिसर में बाबा साहेब का अपमान नहीं सहेंगे के नारे लगाते हुए लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर सीधे तौर पर कार्रवाई की मांग की। कलेक्ट्रेट में पूर्व सांसद के धरने पर बैठने की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
पट्टे की आड़ में खेल का आरोप
धरने पर बैठे पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने पूरे मामले की पोल खोलकर रख दी। उन्होंने बताया कि फत्तेपुर रोशनाई में पिछले लगभग 30 वर्षों से बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित है, जहां हर साल ग्रामीण पूरी आस्था के साथ उनकी जयंती मनाते हैं।
आरोप है कि कुछ वर्ष पूर्व राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बिना किसी स्थलीय निरीक्षण के एक अनुसूचित जाति के परिवार को प्रतिमा स्थल के ठीक पास लगभग 150 वर्ग गज भूमि का पट्टा आवंटित कर दिया था। पट्टाधारक का मुख्य निकास पीछे की सड़क की ओर था, लेकिन उसने जानबूझकर अपना रास्ता आंबेडकर प्रतिमा स्थल की ओर निकाल लिया। अब बाबा साहेब की प्रतिमा को वहां से हटवाने की बदनीयत से उसके आसपास लगातार कूड़ा-करकट, राख और मिट्टी फेंककर अवैध कब्जे का प्रयास किया जा रहा है।
पूर्व सांसद बोले विवश होकर उठाना पड़ा कदम
पूर्व सांसद ने स्थानीय राजस्व अधिकारियों और तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस संवेदनशील और आस्था से जुड़े मामले को लेकर पिछले एक साल में कई बार लिखित शिकायतें की गईं। लेकिन, एक वर्ष बीत जाने के बाद भी स्थानीय जिम्मेदार अधिकारियों ने समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला।
पट्टाधारक के हौसले इतने बुलंद हैं कि वह लगातार वहां अतिक्रमण करने की कोशिश कर रहा है और अधिकारी आंखें मूंदे बैठे रहे। इसी घोर लापरवाही और अनदेखी से तंग आकर उन्हें जनभावनाओं के सम्मान में ग्रामीणों के साथ आज कलक्ट्रेट गेट पर धरने पर बैठने का बड़ा निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने मामले में घोर लापरवाही बरतने वाले तहसीलदार और संबंधित लेखपाल के विरुद्ध तत्काल निलंबन की कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की।
एडीएम प्रशासन ने खत्म कराया धरना खुद करेंगे पैमाइश
हाई-प्रोफाइल मामले और राज्यमंत्री के पति के धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही एडीएम प्रशासन अमित कुमार और अतिरिक्त मजिस्ट्रेट भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर दौड़े। अधिकारियों ने पूर्व सांसद को शांत कराया और बंद कमरे में उनसे विस्तृत वार्ता की।
एडीएम प्रशासन अमित कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व सांसद को भरोसा दिलाया कि वह सोमवार को ही खुद अपनी देखरेख में विवादित स्थल का मौका-मुआयना और निरीक्षण कराएंगे तथा इस समस्या का पक्का व स्थायी कानूनी समाधान निकाला जाएगा।
उच्चाधिकारियों से ठोस आश्वासन मिलने के करीब 10 मिनट बाद पूर्व सांसद ग्रामीणों के साथ धरने से उठ गए। एडीएम प्रशासन ने बताया कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है और शीघ्र ही पैमाइश कराकर न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।