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पूर्व भाजपा विधायक ने थामा शिवपाल का हाथ, बीजेपी के बड़े नेताओं पर लगा दी आरोपों की झड़ी
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 01 Dec 2018 09:40 PM IST
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पूर्व भाजपा विधायक ने थामा शिवपाल का हाथ
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उत्तर प्रदेश के जनपद उन्नाव में दो बार हड़हा (अब समाप्त) विधानसभा से भाजपा विधायक रहे सुंदरलाल लोधी शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) में शामिल हो गए। शिवपाल का हाथ थामते ही सुंदरलाल लोधी ने बीजेपी पर आरोपों की झड़ी लगा दी। उनके निशाने पर बीजेपी के बड़े नेता रहे। इतना ही नहीं पूर्व विधायक ने बीजेपी को पूंजीपतियों की पार्टी करार दिया।
पूर्व विधायक ने अपना राजनीतिक सफर भाजपा से शुरू किया था। 1991 में भाजपा के टिकट पर पहली बार हड़हा (अब समाप्त) विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा का चुनाव लड़ा था। हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 1993 में दोबारा इसी सीट से चुनाव लड़े और सपा बसपा गठबंधन के प्रत्याशी रामेश्वर यादव को 22 हजार वोटों से शिकस्त दी।
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पूर्व विधायक ने अपना राजनीतिक सफर भाजपा से शुरू किया था। 1991 में भाजपा के टिकट पर पहली बार हड़हा (अब समाप्त) विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा का चुनाव लड़ा था। हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 1993 में दोबारा इसी सीट से चुनाव लड़े और सपा बसपा गठबंधन के प्रत्याशी रामेश्वर यादव को 22 हजार वोटों से शिकस्त दी।
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पूर्व विधायक ने कहा- भाजपा में अब सच्चे कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं रहा
1996 में भाजपा ने फिर टिकट दिया लेकिन लेकिन वह सफल नहीं हो पाए। 2007 में भाजपा छोड़कर सपा के टिकट पर हड़हा से चुनाव लड़ा और बसपा प्रत्याशी आशुतोष शुक्ला को हराकर दूसरी बार विधान सभा पहुंचे। 2012 के चुनाव में सपा से टिकट न मिलने पर बड़े बेटे नरेंद्र सिंह लोधी को बसपा के टिकट पर पुरवा से चुनाव लड़ाया। हालांकि बेटे को भी सपा प्रत्याशी उदयराज यादव से शिकस्त मिली।
पूर्व विधायक ने 2013 में फिर भाजपा की सदस्यता ली। 2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत में बड़ी भूमिका निभाई। 2017 विधानसभा चुनाव के बाद पूर्व विधायक लगातार पार्टी नेताओं से असंतुष्ट चल रहे थे। शनिवार को पूर्व विधायक भाजपा से नाता तोड़ लखनऊ में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) में शामिल हो गए।
पूर्व विधायक ने कहा कि भाजपा में अब सच्चे कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं रहा। पूंजीपतियों की पार्टी हो गई है। बड़े नेता जनता की फिक्र छोड़कर कमाई का खेल कर रहे हैं। ग्राम प्रधान के खाते में पैसा पहुंचता नहीं और जांच पहले शुरू हो जाती है।
पूर्व विधायक ने 2013 में फिर भाजपा की सदस्यता ली। 2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत में बड़ी भूमिका निभाई। 2017 विधानसभा चुनाव के बाद पूर्व विधायक लगातार पार्टी नेताओं से असंतुष्ट चल रहे थे। शनिवार को पूर्व विधायक भाजपा से नाता तोड़ लखनऊ में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) में शामिल हो गए।
पूर्व विधायक ने कहा कि भाजपा में अब सच्चे कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं रहा। पूंजीपतियों की पार्टी हो गई है। बड़े नेता जनता की फिक्र छोड़कर कमाई का खेल कर रहे हैं। ग्राम प्रधान के खाते में पैसा पहुंचता नहीं और जांच पहले शुरू हो जाती है।