फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Former assistant professor of CSJMU made serious allegations against the vice-chancellor

Kanpur: सीएसजेएमयू के पूर्व असिस्टेंट प्रोफेसर का आरोप- कुलपति ने मेरा करिअर बर्बाद कर दिया, छीन ली नौकरी

Tue, 08 Nov 2022 11:56 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 08 Nov 2022 11:56 PM IST
विज्ञापन
Former assistant professor of CSJMU made serious allegations against the vice-chancellor
पूर्व असिस्टेंट प्रोफेसर प्रमोद रंजन - फोटो : अमर उजाला

छत्रपति शाहू जी महाराज विवि के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने मेरा कॅरिअर बर्बाद कर दिया। अपनों को नौकरी देने के चक्कर में मेरी नियुक्ति को स्थायी नहीं किया गया और नौकरी से निकाल दिया गया। अब न तो किसी परीक्षा में शामिल होने की उम्र है और न ही दूसरी जगह नौकरी मिल रही है।

विज्ञापन


यह आरोप विवि के विधिक संस्थान के पूर्व असिस्टेंट प्रोफेसर प्रमोद रंजन ने कुलपति पर लगाया है। उन्होंने इसकी शिकायत राज्यपाल और मुख्यमंत्री से भी की है। कमीशनखोरी के आरोप में विवि के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच एसटीएफ कर रही है।
विज्ञापन


कुलपति पर मुकदमा होने के बाद अब विवि में की गई उनकी कारगुजारी सामने आनी लगी है। शिक्षकों ने विवि की हुईं नियुक्तियों को पूर्व नियोजित बताया है। आरोप है कि कुलपति ने अपने लोगों को नियुक्ति देकर दूसरे काबिल शिक्षकों को पद से हटा दिया। प्रमोद रंजन ने बताया कि 2017 में विवि में विधिक अध्ययन संस्थान की स्थापना के साथ उनकी मौलिक नियुक्ति सहायक प्रोफेसर के रूप में हुई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

संस्थान का नया भवन बनने के बाद विवि ने शासन से पूर्ण वेतनमान देने एवं पदों के सृजन की संस्तुति प्राप्त की। शासन ने विवि को निजी स्रोतों से पूर्ण वेतन देने और भविष्य में राज्य सरकार द्वारा कोई राशि न देने की शर्त के साथ संस्तुति दी। उन्होंने कहा कि 2020 में तत्कालीन कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता को पूर्ण वेतनमान देने एवं सृजित पदों के सापेक्ष नियुक्ति देने के लिए पत्र लिखा था।

इसके कुछ समय बाद प्रोफेसर विनय कुमार पाठक की नियुक्ति कुलपति के पद पर हुई। प्रमोद ने कहा कि यही मांग तब प्रो. पाठक से की तो उन्होंने इसे नहीं माना। योग्य होने के बावजूद नौकरी से निकाल दिया गया। तीन महीने का वेतन भी नहीं दिया। उन्होंने कहा कि न्याय के साथ कुलपति को सजा भी मिले। ऐसा न हुआ तो आत्मदाह करने पर मजबूर होंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed