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कानपुर की शारंग विदेशियों को भायी, यूएई, सऊदी अरब, ओमान, मस्कट और म्यांमार ने तोप में दिखाई रुचि
Mon, 10 Feb 2020 02:58 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 10 Feb 2020 02:58 AM IST
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कानपुर में बनी शारंग तोप
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आयुध निर्माणी कानपुर (ओएफसी) में विक सित शारंग तोप विदेशियों को खूब भायी है। यूएई, सऊदी अरब, ओमान के अलावा थाईलैंड, म्यांमार समेत 10 देशों ने इसमें रूचि दिखाई है। जल्द ही तोप की खरीद प्रक्रिया पर वार्ता शुरू होने की संभावना जताई गई है।
लखनऊ में आयोजित डिफेंस एक्सपो में शारंग तोप प्रदर्शित की गई थी। इसी मौके पर सेना को भी आधिकारिक रूप से सौंपी गई। यह इस्रायली तोप सोल्टम का आधुनिक संस्करण है। पहले इसकी कैलिबर 135 एमएम थी जो अब 155 एमएम हो चुकी है। अगले कुछ सालों में 300 तोपें सेना को दी जाएंगी।
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लखनऊ में आयोजित डिफेंस एक्सपो में शारंग तोप प्रदर्शित की गई थी। इसी मौके पर सेना को भी आधिकारिक रूप से सौंपी गई। यह इस्रायली तोप सोल्टम का आधुनिक संस्करण है। पहले इसकी कैलिबर 135 एमएम थी जो अब 155 एमएम हो चुकी है। अगले कुछ सालों में 300 तोपें सेना को दी जाएंगी।
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लखनऊ डिफेंस एक्सपो में शारंग तोप
- फोटो : अमर उजाला
150 तोप ओएफसी और 150 तोप फील्ड गन फैक्टरी में बनेगी। सूत्रों ने बताया कि डिफेंस एक्सपो के दौरान यूएई, सऊदी अरब, मस्कट, ओमान के अलावा तीन अन्य खाड़ी देशों के सैन्य व अन्य प्रतिनिधियों को यह तोप खासी पसंद आई है। दरअसल इन देशों की सेनाएं शारंग की कैलीबर की तोपों का इस्तेमाल करती हैं।
ऐसे में यह तोप इन देशों के लिए काफी मुफीद है। शारंग हर मौसम के अनुकूल है। यह रेगिस्तान के अलावा ठंडे स्थानों पर भी जबरदस्त कार्य करती है। सूत्रों के मुताबिक एशिया के दो देश म्यांमार और थाईलैंड के प्रतिनिधियों ने भी तोप को लेकर उत्सुकता दिखाई है। संभावना है कि इन देशों के प्रतिनिधियों के साथ जल्द खरीद प्रक्रिया के संबंध में अगले चरण की वार्ता शुरू हो सकती है।
ऐसे में यह तोप इन देशों के लिए काफी मुफीद है। शारंग हर मौसम के अनुकूल है। यह रेगिस्तान के अलावा ठंडे स्थानों पर भी जबरदस्त कार्य करती है। सूत्रों के मुताबिक एशिया के दो देश म्यांमार और थाईलैंड के प्रतिनिधियों ने भी तोप को लेकर उत्सुकता दिखाई है। संभावना है कि इन देशों के प्रतिनिधियों के साथ जल्द खरीद प्रक्रिया के संबंध में अगले चरण की वार्ता शुरू हो सकती है।
कई परीक्षणों में इस तोप ने भारत फोर्ज और पुंज लॉयड की तोपों को पछाड़ कर ओपेन बिड में सेना से ऑर्डर हासिल किया था। इसकी मारक क्षमता 38 किलोमीटर है। और टारगेट को बेहद सटीकता से ध्वस्त करती है। इसकी निरंतरता (गोले दागने की क्षमता) भी जबरदस्त है। इस तोप से पहाड़ों में छिपे दुश्मनों को तबाह करने की विशेष क्षमता है। इसे 70 डिग्री तक घुमाया जा सकता है। मेक इन इंडिया के तहत विकसित इस तोप में सभी उपकरण स्वदेशी लगे हैं।
निर्यात बढ़ाना चाहती है सरकार
कानपुर समेत देश भर की निर्माणियों में बनने वाले रक्षा-प्रतिरक्षा उत्पादों को सरकार बड़े स्तर पर निर्यात करना चाहती है। डिफेंस एक्सपो के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले पांच साल में 35 हजार करोड़ रुपये के निर्यात लक्ष्य की घोषणा की थी। शारंग तोप का मूल्य भी खासा प्रतिस्पर्धी है। ऐसे में इस तोप के निर्यात के बड़े रास्ते खुल सकते हैं।
तोप की खासियत
वजन 8 टन
लंबाई 11 मीटर
चौड़ाई 2.45 मीटर
ऊंचाई 2.55 मीटर
कैलिबर 155 मिलीमीटर
कैरिज स्प्लिट ट्रेल
मारक क्षमता 38 किलोमीटर तक
निर्यात बढ़ाना चाहती है सरकार
कानपुर समेत देश भर की निर्माणियों में बनने वाले रक्षा-प्रतिरक्षा उत्पादों को सरकार बड़े स्तर पर निर्यात करना चाहती है। डिफेंस एक्सपो के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले पांच साल में 35 हजार करोड़ रुपये के निर्यात लक्ष्य की घोषणा की थी। शारंग तोप का मूल्य भी खासा प्रतिस्पर्धी है। ऐसे में इस तोप के निर्यात के बड़े रास्ते खुल सकते हैं।
तोप की खासियत
वजन 8 टन
लंबाई 11 मीटर
चौड़ाई 2.45 मीटर
ऊंचाई 2.55 मीटर
कैलिबर 155 मिलीमीटर
कैरिज स्प्लिट ट्रेल
मारक क्षमता 38 किलोमीटर तक