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Kanpur News: प्रदेश में पहली बार हैलट में बिना बेहोश किए हुई स्तन कैंसर की सर्जरी

Tue, 05 Aug 2025 01:16 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 05 Aug 2025 01:16 AM IST
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For the first time in the state, breast cancer surgery was done in Hallet without anesthesia
ओटी के बाहर रोगी और प्राचार्य डॉ. संजय काला के साथ डॉक्टरों की टीम। - फोटो : स्रोत : मेडिकल कॉलेज
कानपुर। प्रदेश में पहली बार हैलट में स्तन कैंसर की अवेक सर्जरी की गई है। इसमें रोगियों को पूरी तरह बेहोश नहीं किया गया, सिर्फ सेग्मेंटल स्पाइनल निश्चेतना विधि से अंग विशेष के हिस्से को सुन्न कर दिया गया। रोगी चलते हुए ऑपरेशन थिएटर में गए और सर्जरी कराने के बाद चलकर वार्ड में अपने बेड तक आए। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि इस विधि में अतिकुशलता की जरूरत पड़ती है। इसे और भी सर्जरी में आजमाया जाएगा।
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मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. अपूर्व अग्रवाल और डॉ. नेहा मिश्रा इस जटिल विधि से रोगियों का ऑपरेशन किया है। पहला ऑपरेशन अमेठी की 58 वर्षीय ऊषा का किया गया। वह स्तन कैंसर का इलाज कराने के लिए आई थीं। डॉ. आशीष चौधरी ने 31 जुलाई को इनका ऑपरेशन किया। रोगी को बिना बेहोश किए रीढ़ की हड्डी के ऊपरी भाग में जिसको थोरेसिक स्पाइन कहते हैं, वहां विशेष दवा के माध्यम से केवल स्तन एवं कांख के हिस्से को सुन्न किया गया। इससे ऑपरेशन के समय रोगी पूर्णतया होश में रहीं। सर्जरी बिना दर्द के हुई। ऑपरेशन के बाद वह अपने आप चलते हुए पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड के बेड तक गईं।
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दूसरी सर्जरी कानपुर देहात के निखिल (20) की गई। युवक के दोनों तरफ कैंसर संदिग्ध स्तन की गांठ रही हैं। उसे सीनियर प्लास्टिक सर्जन डॉ. प्रेम शंकर की यूनिट में भर्ती किया गया। एक अगस्त को सर्जरी के लिए ऑपरेशन थिएटर में लाया गया था। विभागाध्यक्ष डॉ. अग्रवाल की अगुवाई में एनेस्थीसिया की टीम ने पीठ में सुई लगाकर उतने ही भाग को सुन्न किया जिसका ऑपरेशन होना था। सर्जरी के दौरान रोगी पूरी तरह होश रहा। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि इस विधि को सेग्मेंटल स्पाइनल कहते है। उन रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद है जिनको पूरी तरह से बेहोश नहीं कर सकते। इससे रोगी की ऑपरेशन के बाद जल्दी छुट्टी हो जाती है। प्राचार्य डॉ. संजय काला ने एनेस्थीसिया विभाग को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।
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