यूपी: पहली बार घोड़ी पर बैठेगा अनुसूचित जाति का दूल्हा, सोशल मीडिया पर जताई इच्छा, समर्थन में आया पूरा गांव
अनुसूचित जाति के युवक ने घोड़ी पर चढ़कर बरात ले जाने की इच्छा जताई तो सारा गांव समर्थन में उतर आया।
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युवक के पिता ने बताया कि इस गांव में रूढ़िवादी पाबंदी के चलते अनुसूचित जाति का दूल्हा घोड़ी पर नहीं चढ़ता है, इसी कारण आज तक किसी ने ऐसा प्रयास नहीं किया। इस मामले में पुलिस ने भी सहयोग का भरोसा दिया है। माधवगंज गांव में यादव, अहिरवार और राजपूत जाति के लोग रहते हैं।
यहां अनुसूचित जाति के लोग पिछले कई दशकों से अपनी बरात सादगी के साथ ले जाते हैं। इस रूढ़िवादी परंपरा को तोड़ने की गयादीन के पुत्र अलखराम अहिरवार नेे इच्छा जताई। उसकी शादी 18 जून को तय हुई है। अलखराम ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट अपलोड की।
इसमें कहा कि वह अपनी बरात में घोड़ी पर बैठकर जाना चाहता है। पोस्ट वायरल होने पर उसके प्रयास की सराहना के साथ ही लोगों से उसे समर्थन भी मिला। ग्राम प्रधान महीपत श्रीवास का कहना है गांव में आज तक किसी ने घोड़ी पर बैठने का कोई प्रयास ही नहीं किया है।
अलखराम का प्रार्थना पत्र मिला है। असुरक्षा जैसी कोई बात नहीं है। एहतियातन सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। शादी में कोई अड़चन नहीं होगी।
सुनील तिवारी, थानाध्यक्ष महोबकंठ
प्रशासन पूरा सहयोग करेगा। युवक घोड़ी पर चढ़कर बरात, शादी की रस्में पूरी करेगा।
राम सुरेश वर्मा, अपर जिलाधिकारी