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खाद्य उद्यम उन्नति योजना : दो माह में इस्टीमेट नहीं दे सका बिजली निगम
Sat, 25 Jan 2025 01:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 25 Jan 2025 01:02 AM IST
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कानपुर देहात। दूध, पेठा और बेकरी उद्योग विकास के लिए अकबरपुर के आलमचंद्रपुर में खाद्य उद्यम उन्नति योजना से बने इक्यूबेशन सेंटर में मशीनें लगनी हैं। इससे पहले यहां बिजली कनेक्शन होना जरूरी है। सर्वे के दो माह बाद बिजली निगम इस्टीमेट नहीं दे सका है। इससे संचालन अटका है।
जिले में दूध, पेठा और बेकरी उद्यम विकास की अपार संभावनाएं हैं। कच्चा माल सुलभ होने और बाजार उपलब्धता को लेकर प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना से बीते साल इन्क्यूबेशन सेंटर का शेड बनाकर तैयार किया गया। यहां दिल्ली की एजेंसी उपकरणों को इंस्टाल करेगी। पहले मिल्क लाइन प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जानी है। इसके साथ ही पेठा और बेकरी तैयार करना सीखने के लिए जरूरी उपकरण लगेंगे।
यहां स्टार्टअप के जरिये खुद का कारोबार शुरू करने के लिए इच्छुक युवा उन्नत प्रशिक्षण लेकर उद्यम लगा सकेंगे। यहां शेड में लगने वाली मशीनें संचालन के लिए कुल 37 किलोवाट के बिजली कनेक्शन की दरकार है। उद्यान विभाग की ओर से इसके लिए दो माह पूर्व जैनपुर उपखंड से एस्टीमेट की मांग की गई थी। इस पर जेई की ओर से सर्वे के बाद अब तक एस्टीमेट नहीं उपलब्ध हो सका है। ऐसे में बिजली आपूर्ति नहीं होने पर मशीनें आने पर इंस्टाल नहीं हो सकेंगी।
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वर्जन........
बिजली निगम के अधिकारी सर्वे कर गए थे। इसके लिए इस्टीमेट नहीं दिया गया है। इसकी वजह से बिजली कनेक्शन की आगे की प्रक्रिया रुकी है। - सुरेश कुमार, उद्यान सहायक
..................सर्वे के बाद इस्टीमेट बनाकर रनियां खंड कार्यालय में प्रेषित कर दिया गया है। एक्सईएन के अनुमोदन के उपरांत इस्टीमेट संबंधित विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा। - वीरेंद्र कुमार एसडीओ जैनपुर।
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क्या हैं इन्क्यूबेशन सेंटर
स्टार्टअप के लिए टेक्निकल, लीगल डॉक्यूमेंटेशन सपोर्ट, नेटवर्क, बिजनेस कनेक्शन, काम करने के लिए वर्किंग स्पेस और सबसे खास बात शुरुआती पूंजी उपलब्ध कराने में मदद करना। (संवाद)
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जिले में दूध, पेठा और बेकरी उद्यम विकास की अपार संभावनाएं हैं। कच्चा माल सुलभ होने और बाजार उपलब्धता को लेकर प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना से बीते साल इन्क्यूबेशन सेंटर का शेड बनाकर तैयार किया गया। यहां दिल्ली की एजेंसी उपकरणों को इंस्टाल करेगी। पहले मिल्क लाइन प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जानी है। इसके साथ ही पेठा और बेकरी तैयार करना सीखने के लिए जरूरी उपकरण लगेंगे।
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यहां स्टार्टअप के जरिये खुद का कारोबार शुरू करने के लिए इच्छुक युवा उन्नत प्रशिक्षण लेकर उद्यम लगा सकेंगे। यहां शेड में लगने वाली मशीनें संचालन के लिए कुल 37 किलोवाट के बिजली कनेक्शन की दरकार है। उद्यान विभाग की ओर से इसके लिए दो माह पूर्व जैनपुर उपखंड से एस्टीमेट की मांग की गई थी। इस पर जेई की ओर से सर्वे के बाद अब तक एस्टीमेट नहीं उपलब्ध हो सका है। ऐसे में बिजली आपूर्ति नहीं होने पर मशीनें आने पर इंस्टाल नहीं हो सकेंगी।
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वर्जन........
बिजली निगम के अधिकारी सर्वे कर गए थे। इसके लिए इस्टीमेट नहीं दिया गया है। इसकी वजह से बिजली कनेक्शन की आगे की प्रक्रिया रुकी है। - सुरेश कुमार, उद्यान सहायक
..................सर्वे के बाद इस्टीमेट बनाकर रनियां खंड कार्यालय में प्रेषित कर दिया गया है। एक्सईएन के अनुमोदन के उपरांत इस्टीमेट संबंधित विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा। - वीरेंद्र कुमार एसडीओ जैनपुर।
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क्या हैं इन्क्यूबेशन सेंटर
स्टार्टअप के लिए टेक्निकल, लीगल डॉक्यूमेंटेशन सपोर्ट, नेटवर्क, बिजनेस कनेक्शन, काम करने के लिए वर्किंग स्पेस और सबसे खास बात शुरुआती पूंजी उपलब्ध कराने में मदद करना। (संवाद)