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पांच घंटे बिजली गुल, जिला अस्पताल में हाहाकार

Wed, 29 Jun 2022 12:18 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jun 2022 12:18 AM IST
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Five hours power outage, outcry in district hospital
उरई। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में सुबह पांच बजे बिजली गुल हो गई। अस्पताल का जनरेटर भी दगा दे गया। वार्डों में भर्ती मरीज गर्मी से बिलबिला उठे। महिला अस्पताल में भर्ती प्रसूताएं अपने नवजात को लेकर वार्ड से निकलकर मैदान में पहुंच गई। नवजात को गर्मी से बचाने के लिए प्रसूताएं हवा करतीं नजर आईं। 11 बजे के बाद बिजली आने पर मरीजों ने राहत की सांस ली।
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मंगलवार की सुबह बिजली उपकेंद्र में आई तकनीकी खराबी के कारण सुबह पांच बजे जिला अस्पताल और महिला अस्पताल की बिजली गुल हो गई। सुबह आठ बजे तक इनवर्टर और जेनरेटर से आदि से काम चलाया गया। आठ बजे स्टाफ के आने के बाद जैसे ही एसी चले तो जेनरेटर भी ओवरलोड होने लगे। सुबह 10 बजे जेनरेटर भी बैठ गए। जेनरेटर बंद होने के साथ ही जिला अस्पताल की इमरजेंसी समेत ओपीडी, दवा कक्ष, ब्लड बैंक, पैथालॉजी, पर्चा काउंटर, दवा कक्ष, इंजेक्शन रूम, रेडियोलॉजी विभाग सभी जगह अंधेरा छा गया। मरीजों के साथ डॉक्टर भी गर्मी से परेशान रहे। सभी काम छोड़कर बाहर आ गए।
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इस बाबत जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अविनेश कुमार का कहना है कि जेनरेटर ओवरहीट हो गया था। इसकी वजह से बैठ गया। फिलहाल 125 केवीए का जेनरेटर लगा है। जरूरत के मुताबिक, यहां 250 केवीए के जेनरेटर की आवश्यकता है। उसकी डिमांड तैयार की जा रही है।
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आठ महिलाओं का हुआ था सीजर आपरेशन
स्वास्थ्य अधिकारियों की लापरवाही से महिला अस्पताल में भर्ती मरीजों की जान जा सकती थी। मौजूदा समय में महिला अस्पताल में 14 महिलाओं का सामान्य प्रसव और आठ महिलाओं का सीजर आपरेशन हुआ था। जनरेटर ठप होने से जब इनसे गर्मी न सही गई तो वह सभी बाहर की ओर निकल आईं। ऐसे में आपरेशन वाली महिलाओं को संक्रमण व अन्य खतरा हो सकता था।
जिला अस्पताल में 125 केवीए का जेनरेटर लगा हुआ है। हालांकि जिला अस्पताल में लगातार एसी की संख्या बढ़ रही है। इस समय अस्पताल में 70 से अधिक एसी लगे हैं। महिला अस्पताल में 40 केवीए का जनरेटर लगा है। करीब 30 से अधिक एसी संचालित हो रहे हैं।
लापरवाही बनीं मुसीबत
स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर शासन करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है। लेकिन स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य अधिकारियों की लापरवाही से मरीजों की जान पर बन आई। दोनों अस्पतालों में 100 एसी लगें हैं। ऐसे में एसी का लोड आधा कर मुसीबत को कम किया जा सकता था। हालत यह है कि जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के जेनरेटर की रिपेयरिंग लंबे समय से नहीं कराई है। जिससे यह समस्या आई है। आपरेटर राजेंद्र ने बताया कि अधिकारियों को लिखित बता दिया गया है।

100 मरीजों की जांच प्रभावित
जिला अस्पताल के लैब टेक्नीशियन जितेंद्र के मुताबिक, रोजाना करीब तीन सौ जांचें होती है। बिजली कटौती के कारण करीब 100 मरीजों की जांचें प्रभावित हुई। कई मरीज लौट गए। जो रुके रहे। उनकी देर तक काम कर जांचें की गई।
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