{"_id":"5852c3da4f1c1ba171649797","slug":"fisherman-sent-a-letter-from-pakistan-jail","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तान जेल का लंबरदार है यूपी का संजय, चिट्ठी भेजकर जताई रिहाई उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पाकिस्तान जेल का लंबरदार है यूपी का संजय, चिट्ठी भेजकर जताई रिहाई उम्मीद
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 16 Dec 2016 12:43 AM IST
विज्ञापन
पाक जेल में बंद मछुआरों ने घर भेजी चिट्ठी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान जेल में बंद यूपी के कानपुर निवासी संजय कुरील को लंबरदार (मुंशी) बनाया गया है। वह कैदियों में सबसे ज्यादा पढ़ा-लिखा है जिसकी वजह से उसे यह जिम्मेदारी दी गई है।
गुजरात के ओखा समुद्री तट पर मछली पकड़ने के दौरान पाक सैनिकों के हत्थे चढ़े मछुआरों का पत्र एक बार फिर अपने घर भेजा है। इस बार उन्होंने नए वर्ष में जेल से रिहाई होने की उम्मीद जताई है। इधर, परिजन सीमा पर उपजे तनाव और भारत-पाक के बीच कड़वाहट भरे रिश्तों पर आशंकित हैं। पत्र में लिखा है कि जवाबी पत्र भेजते समय तीनों की पासपोर्ट साइज फोटो भेज दें।
बता दें कि मोहम्मदपुर गांव के तीन युवकों संजय कुरील, रविशंकर गौड़ और जयचंद्र गौड़ 15 अक्तूबर 2015 को पाक सैनिकों के हत्थे चढ़े थे। तभी से पाकिस्तान की मलीर लांदी जेल में बंद हैं। गुरुवार को युवकों का पत्र उनके घर पहुंचा। युवक संजय के पिता पूर्व प्रधान रामप्रताप कुरील ने पत्र दिखाया। युवकों ने नये वर्ष में रिहाई होने की उम्मीद जताई है। लिखा है कि यदि विदेश मंत्रालय से फैक्स पहुंच जाता है तो उनकी रिहाई हो सकती है। संजय कुरील ने पत्र में लिखा है कि जिस जेल में वह बंद है उसमें 525 मछुआरे बंद हैं। 21 नवंबर को पाक सैनिक 43 और भारतीयों को लाए थे। परिजनों के साथ पड़ोसियों की कुशल-क्षेम पूछी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गुजरात के ओखा समुद्री तट पर मछली पकड़ने के दौरान पाक सैनिकों के हत्थे चढ़े मछुआरों का पत्र एक बार फिर अपने घर भेजा है। इस बार उन्होंने नए वर्ष में जेल से रिहाई होने की उम्मीद जताई है। इधर, परिजन सीमा पर उपजे तनाव और भारत-पाक के बीच कड़वाहट भरे रिश्तों पर आशंकित हैं। पत्र में लिखा है कि जवाबी पत्र भेजते समय तीनों की पासपोर्ट साइज फोटो भेज दें।
विज्ञापन
बता दें कि मोहम्मदपुर गांव के तीन युवकों संजय कुरील, रविशंकर गौड़ और जयचंद्र गौड़ 15 अक्तूबर 2015 को पाक सैनिकों के हत्थे चढ़े थे। तभी से पाकिस्तान की मलीर लांदी जेल में बंद हैं। गुरुवार को युवकों का पत्र उनके घर पहुंचा। युवक संजय के पिता पूर्व प्रधान रामप्रताप कुरील ने पत्र दिखाया। युवकों ने नये वर्ष में रिहाई होने की उम्मीद जताई है। लिखा है कि यदि विदेश मंत्रालय से फैक्स पहुंच जाता है तो उनकी रिहाई हो सकती है। संजय कुरील ने पत्र में लिखा है कि जिस जेल में वह बंद है उसमें 525 मछुआरे बंद हैं। 21 नवंबर को पाक सैनिक 43 और भारतीयों को लाए थे। परिजनों के साथ पड़ोसियों की कुशल-क्षेम पूछी है।
विज्ञापन