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पोस्टमार्टम पैनल में पहली बार वकील
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Mar 2016 01:49 AM IST
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पोस्टमार्टम हाउस में पुलिस से बात करते वकील
- फोटो : amar ujala
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बिल्हौर के वकील जितेंद्र पाल की हत्या के मामले में गुरुवार को शव का दोबारा पोस्टमार्टम हुआ। खास बात यह कि पोस्टमार्टम पैनल में एक वकील को भी शामिल किया गया। दावा किया जा रहा है कि यह पहली बार है जब किसी पोस्टमार्टम पैनल में वकील रहा हो। दरअसल, बुधवार देर रात आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट को बार और लायर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने खारिज कर दिया था। उनका कहना था कि रिपोर्ट में चोट के निशान ही नहीं आए।
उनकी मांग के बाद ही डीएम कौशलराज शर्मा ने नया पैनल गठित कर दोबारा पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए। शाम को आई दूसरी रिपोर्ट में भी मृतक के शरीर पर जाहिर चोटों के निशान नहीं मिले हैं। हार्टअटैक से मौत की आशंका जताई जा रही है। हृदय और पेट के विसरा को जांच के लिए फोरेंसिक लैब लखनऊ भेजा गया। पूरे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
वकील की हत्या के बाद आरोप लगे थे कि उसे लाठी-डंडों से पीटकर मारा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के निशान नहीं मिलने पर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। नए पैनल में एडवोकेट कौशल किशोर शर्मा, मेडिकल कालेज के फोरेंसिक डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष पुनीत महेश अवस्थी, डॉ. अनुराग राजौरिया, डॉ. नवनीत चौधरी और डॉ. आरपी तिवारी शामिल थे। वहीं दोबारा पोस्टमार्टम की सूचना पर वकीलों ने पोस्टमार्टम हाउस को घेर रखा था। वकीलों के जमावड़े के चलते खासा पुलिस बल भी तैनात रहा।
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पोस्टमार्टम की नई परंपरा! ः शासन पर बने वकीलों के दबाव के चलते दोबारा पोस्टमार्टम हुआ और पैनल में वकील, मनपसंद डॉक्टर को शामिल करने की दिनभर चर्चा होती रही। डीएम कौशलराज शर्मा का यह फैसला नजीर बन सकता है।
तीन घंटे जाम रहा जीटी रोड
मुआवजा और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग करते हुए गुरुवार सुबह बिल्हौर में वकीलों ने जितेंद्र का शव जीटी रोड पर रखकर तीन घंटे रोड जाम रखा। प्रशासन से दोबारा पैनल पोस्टमार्टम और मुआवजे की मांग पर विचार के आश्वासन के बाद जाम खोला। वकीलों के गुस्से को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कसबे के बाहर फोर्स लगाकर वाहनों को रोक दिया था।
हड़ताल पर रहे वकील, आज से करेंगे काम
अधिवक्ता की हत्या से आक्रोशित वकीलों ने गुरुवार को हड़ताल करते हुए कामकाज ठप रखा। इससे हजारों वादकारियों को तारीख लेकर लौटना पड़ा। वकीलों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम सिटी अविनाश सिंह को सौंपा। वकील शुक्रवार से काम करेंगे। दोपहर में बार एसोसिएशन और लायर्स एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम सिटी को दिया।
इसमें अधिवक्ता जितेंद्र पाल के हत्याभियुक्तों की जल्द गिरफ्तारी करने, परिवारीजनों को पचास लाख रुपये मुआवजा राशि दिलाने, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और इस तरह की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से जिला जज के नेतृत्व में प्रशासनिक, पुलिस अफसरों और वकीलों की समन्वय समिति बनाने की मांग की। एडीएम सिटी ने वकीलों को बताया कि शासन से 20 लाख रुपये मुआवजा दिलाने का प्रयास चल रहा है।
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उनकी मांग के बाद ही डीएम कौशलराज शर्मा ने नया पैनल गठित कर दोबारा पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए। शाम को आई दूसरी रिपोर्ट में भी मृतक के शरीर पर जाहिर चोटों के निशान नहीं मिले हैं। हार्टअटैक से मौत की आशंका जताई जा रही है। हृदय और पेट के विसरा को जांच के लिए फोरेंसिक लैब लखनऊ भेजा गया। पूरे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
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वकील की हत्या के बाद आरोप लगे थे कि उसे लाठी-डंडों से पीटकर मारा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के निशान नहीं मिलने पर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। नए पैनल में एडवोकेट कौशल किशोर शर्मा, मेडिकल कालेज के फोरेंसिक डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष पुनीत महेश अवस्थी, डॉ. अनुराग राजौरिया, डॉ. नवनीत चौधरी और डॉ. आरपी तिवारी शामिल थे। वहीं दोबारा पोस्टमार्टम की सूचना पर वकीलों ने पोस्टमार्टम हाउस को घेर रखा था। वकीलों के जमावड़े के चलते खासा पुलिस बल भी तैनात रहा।
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पोस्टमार्टम की नई परंपरा! ः शासन पर बने वकीलों के दबाव के चलते दोबारा पोस्टमार्टम हुआ और पैनल में वकील, मनपसंद डॉक्टर को शामिल करने की दिनभर चर्चा होती रही। डीएम कौशलराज शर्मा का यह फैसला नजीर बन सकता है।
तीन घंटे जाम रहा जीटी रोड
मुआवजा और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग करते हुए गुरुवार सुबह बिल्हौर में वकीलों ने जितेंद्र का शव जीटी रोड पर रखकर तीन घंटे रोड जाम रखा। प्रशासन से दोबारा पैनल पोस्टमार्टम और मुआवजे की मांग पर विचार के आश्वासन के बाद जाम खोला। वकीलों के गुस्से को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कसबे के बाहर फोर्स लगाकर वाहनों को रोक दिया था।
हड़ताल पर रहे वकील, आज से करेंगे काम
अधिवक्ता की हत्या से आक्रोशित वकीलों ने गुरुवार को हड़ताल करते हुए कामकाज ठप रखा। इससे हजारों वादकारियों को तारीख लेकर लौटना पड़ा। वकीलों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम सिटी अविनाश सिंह को सौंपा। वकील शुक्रवार से काम करेंगे। दोपहर में बार एसोसिएशन और लायर्स एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम सिटी को दिया।
इसमें अधिवक्ता जितेंद्र पाल के हत्याभियुक्तों की जल्द गिरफ्तारी करने, परिवारीजनों को पचास लाख रुपये मुआवजा राशि दिलाने, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और इस तरह की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से जिला जज के नेतृत्व में प्रशासनिक, पुलिस अफसरों और वकीलों की समन्वय समिति बनाने की मांग की। एडीएम सिटी ने वकीलों को बताया कि शासन से 20 लाख रुपये मुआवजा दिलाने का प्रयास चल रहा है।