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कहीं नहीं दिखा आतंकी खतरा, अमरनाथ बाबा के दर्शन कर लौटे जत्थे ने सुनाई यात्रा की दास्तां
Thu, 18 Jul 2019 06:26 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 18 Jul 2019 06:26 PM IST
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अमरनाथ यात्रा से लौटा जत्था
- फोटो : अमर उजाला
बाबा अमरनाथ की कठिन यात्रा कर जिले का पहला जत्था लौटा तो स्थानीय लोगों ने फूल माला पहनाकर स्वागत किया। सभी तीर्थयात्रियों ने बताया कि सेना की मदद से यह कठिन यात्रा इतनी आसान व धार्मिक रही कि कहीं से भी आतंकी खतरा जैसी बात नहीं दिखी।
इस यात्रा में दो दिन कर्फ्यू के कारण व्यवधान भी आया लेकिन कहीं से खाने पीने व आराम करने की परेशानी नहंी हुई। शहर के शंकर बाजार व बस स्टैंड के निवासी राज शिवहरे, जयशंकर मिश्रा, पियुष गोयल, भानू गुप्ता, रामलाल पाल, रामनारायण, सरिता शिवहरे, कुमकुम मिश्रा, अंजना गुप्ता, प्रियल, आर्यन, प्रिया, अर्नव आदि ने बताया कि वह सब 10 जुलाई को चित्रकूट से अमरनाथ की पवित्र यात्रा के लिए रवाना हुए थे और महज सात दिन में ही यात्रा पूरी हो गई।
जिसमें दो दिन जम्मू कश्मीर में कर्फ्यू के कारण यात्रा रोकी गई थी। इन तीर्थयात्रियों ने अपने अनुभव बताए कि पहले तो आतंकी हमले से लेकर अन्य कई तरह की आशंकाएं थी लेकिन भगवान शिव का नाम लेकर उत्साहपूर्वक पूरी टीम जैसे ही मंदिर के रास्ते पहुंची तो सब डर दूर हो गया। सीआरपीएफ व मिलिट्री मैन की ऐसा इंतजाम रहा कि यात्रियों के काफिले को कोई परेशानी नहीं होती थी। इस यात्रा से लौटे महिला पुरुष व छोटे बच्चों का उत्साह देखते ही बना। सभी ने एक दूसरे को प्रसाद बांटा।
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इस यात्रा में दो दिन कर्फ्यू के कारण व्यवधान भी आया लेकिन कहीं से खाने पीने व आराम करने की परेशानी नहंी हुई। शहर के शंकर बाजार व बस स्टैंड के निवासी राज शिवहरे, जयशंकर मिश्रा, पियुष गोयल, भानू गुप्ता, रामलाल पाल, रामनारायण, सरिता शिवहरे, कुमकुम मिश्रा, अंजना गुप्ता, प्रियल, आर्यन, प्रिया, अर्नव आदि ने बताया कि वह सब 10 जुलाई को चित्रकूट से अमरनाथ की पवित्र यात्रा के लिए रवाना हुए थे और महज सात दिन में ही यात्रा पूरी हो गई।
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जिसमें दो दिन जम्मू कश्मीर में कर्फ्यू के कारण यात्रा रोकी गई थी। इन तीर्थयात्रियों ने अपने अनुभव बताए कि पहले तो आतंकी हमले से लेकर अन्य कई तरह की आशंकाएं थी लेकिन भगवान शिव का नाम लेकर उत्साहपूर्वक पूरी टीम जैसे ही मंदिर के रास्ते पहुंची तो सब डर दूर हो गया। सीआरपीएफ व मिलिट्री मैन की ऐसा इंतजाम रहा कि यात्रियों के काफिले को कोई परेशानी नहीं होती थी। इस यात्रा से लौटे महिला पुरुष व छोटे बच्चों का उत्साह देखते ही बना। सभी ने एक दूसरे को प्रसाद बांटा।
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