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यूपी: जमीन के विवाद में अहिवरन नगला में एक घंटे ताबड़तोड़ दो पक्षों में फायरिंग, घरों में दुबके लोग
Thu, 01 Aug 2019 06:44 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 01 Aug 2019 06:44 PM IST
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फर्रुखाबाद के कंपिल थाना क्षेत्र के गांव अहिवरन नगला में खेत को जोतने को लेकर बुधवार देर शाम को दो पक्ष आमने-सामने हो गए। इसके बाद दोनों पक्षों में एक घंटे तक ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। ग्रामीणों ने घरों में छिपकर किसी तरह जान बचाई। सूचना पर पहुंची पुलिस के सामने ही फायरिंग करते हुए दबंग फरार हो गए। पुलिस मामले की जांच की बात कहकर पल्ला झाड़ रही है।
किसी पक्ष ने मामले की तहरीर नहीं दी है। गांव अहिवरन नगला निवासी सुरेश यादव का आठ बीघा खेत को लेकर गांव के ही प्रभुदयाल से वर्षों से विवाद चला आ रहा है। बुधवार देर शाम को सुरेश पक्ष के लोग खेत को जोतने के लिए ट्रैक्टर लेकर पहुंचे। इसकी भनक प्रभुदयाल पक्ष को लग गई। इसी दौरान दोनों पक्षों के दर्जन भर से ज्यादा लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। प्रभुदयाल पक्ष के लोग खेत जोतने का विरोध करने लगे।
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किसी पक्ष ने मामले की तहरीर नहीं दी है। गांव अहिवरन नगला निवासी सुरेश यादव का आठ बीघा खेत को लेकर गांव के ही प्रभुदयाल से वर्षों से विवाद चला आ रहा है। बुधवार देर शाम को सुरेश पक्ष के लोग खेत को जोतने के लिए ट्रैक्टर लेकर पहुंचे। इसकी भनक प्रभुदयाल पक्ष को लग गई। इसी दौरान दोनों पक्षों के दर्जन भर से ज्यादा लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। प्रभुदयाल पक्ष के लोग खेत जोतने का विरोध करने लगे।
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अवैध असलहों से ताबड़तोड़ एक दूसरे पर फायरिंग से मच गया हाहाकार
दोनों पक्षों के लोगों में गालीगलौज होने लगी। इसी दौरान देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने हो गए। अवैध असलहों से ताबड़तोड़ एक दूसरे पर फायरिंग करने लगे। आसपास खेतों में काम कर रहे किसानों ने भाग कर जान बचाई। लगातार एक घंटे तक दोनों पक्षों में फायरिंग होती रही। उसके बाद सुरेश पक्ष के लोग गांव पहुंचे। कुछ ही देर में दूसरे पक्ष के लोग भी पहुंच गए।
दोनों पक्षों के लोगों में फिर कहासुनी होने लगी और फायरिंग शुरू हो गई। ग्रामीण फायरिंग से भयभीत होकर घरों में कैद हो गए। ग्रामीणों ने सिवारा चौकी व थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों में फायरिंग होती देख पुलिस गांव में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। दबंग पुलिस के सामने फायरिंग करते हुए फरार हो गए। पुलिस खाली हाथ बैरंग लौट आई।
दोनों पक्षों के लोगों में फिर कहासुनी होने लगी और फायरिंग शुरू हो गई। ग्रामीण फायरिंग से भयभीत होकर घरों में कैद हो गए। ग्रामीणों ने सिवारा चौकी व थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों में फायरिंग होती देख पुलिस गांव में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। दबंग पुलिस के सामने फायरिंग करते हुए फरार हो गए। पुलिस खाली हाथ बैरंग लौट आई।
गांव में ताबड़तोड़ फायरिंग होने से भयभीत ग्रामीणाें ने घरों में छुपकर बचाई जान
ग्रामीणों का कहना का की खेत के विवाद में आए दिन गांव में फायरिंग होती रहती है। इससे लोग भयभीत हैं। पुलिस भी खानापूरी कर लौट जाती है। एक घंटे में लगभग सौ राउंड फायरिंग हुई है। पुलिस मामले की जांच के नाम पर पल्ला झाड़ रही है। थाना प्रभारी निरीक्षक जेएल सोनकर ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
कटरी के गांव अहिवरन नगला में खेत जोतने को लेकर हुई दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग से आसपास के गांव धीमर नगला, बहबलपुर, मिस्तनी, सिवारा, बढ़ार, आदि दर्जन भर गांवों के ग्रामीण भयभीत हैं। गांवों के लोग घर से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने दोबारा गांव में आना मुनासिब नहीं समझा है।
खेत के विवाद में बीस वर्ष पूर्व हो चुकी है हत्या
सुरेश यादव व प्रभुदयाल पक्ष के लोगों में बीस वर्षों से खेत का विवाद चल रहा है। दोनों पक्षों के लोग खेत पर अपना-अपना दावा कर रहे हैं। इसमें सुरेश यादव के भाई दुर्बीन सिंह की 2002 में घर के बाहर बनी बैठक में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
कटरी के गांव अहिवरन नगला में खेत जोतने को लेकर हुई दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग से आसपास के गांव धीमर नगला, बहबलपुर, मिस्तनी, सिवारा, बढ़ार, आदि दर्जन भर गांवों के ग्रामीण भयभीत हैं। गांवों के लोग घर से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने दोबारा गांव में आना मुनासिब नहीं समझा है।
खेत के विवाद में बीस वर्ष पूर्व हो चुकी है हत्या
सुरेश यादव व प्रभुदयाल पक्ष के लोगों में बीस वर्षों से खेत का विवाद चल रहा है। दोनों पक्षों के लोग खेत पर अपना-अपना दावा कर रहे हैं। इसमें सुरेश यादव के भाई दुर्बीन सिंह की 2002 में घर के बाहर बनी बैठक में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।