Kanpur: संगम एक्सप्रेस में आग तापने का मामला, CCTV व वायरल वीडियो से होगी पहचान, आरपीएफ ने दर्ज किया है मुकदमा
Kanpur News: रेलवे ने ट्रेन और स्टेशन परिसर में आग लगने या ज्वलनशील पदार्थ लाने ले जाने या इस्तेमाल करने वालों की सूचना देने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 9794835916 जारी किया है। इसमें फोटो व वीडियो भेजने व शिकायत पर कर्रावाई की बात कही गई है।
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संगम एक्सप्रेस के एसी कोच में बुधवार को आग जलाकर तापने की घटना के बाद रेलवे हरकत में आ गया है। मामले में अब स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज व वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। घटनाक्रम के वायरल वीडियो में आग जलाकर तापने वाला व्यक्ति हरी पगड़ी बांधे नजर आ रहे हैं। कई अन्य लोग भी हरी पगड़ी बांधकर सफर कर रहे थे।
ऐसे में रेलवे को शक है कि आग जलाने वाले लोग किसान यूनियन के कार्यकर्ता थे। बताया गया कि ट्रेन में चौधरी गौरव टिकैत और भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुशल पाल आर्य करीब पांच सौ कार्यकर्ताओं के साथ प्रयागराज में किसान रैली में शामिल होने जा रहे थे। इन्हीं में से कुछ लोग आग जलाकर तापने लगे। हालांकि पूछताछ में गौरव टिकैत ने इससे इन्कार किया था। घटना फफूंद स्टेशन के करीब प्रकाश में आई थी, लिहाजा आरपीएफ ने वहां मुकदमा दर्ज किया है।
हेल्पलाइन नंबर पर भेजें फोटो व वीडियो, होगी कार्रवाई
रेलवे ने ट्रेन और स्टेशन परिसर में आग लगने या ज्वलनशील पदार्थ लाने ले जाने या इस्तेमाल करने वालों की सूचना देने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 9794835916 जारी किया है। इसमें फोटो व वीडियो भेजने व शिकायत पर कर्रावाई की बात कही गई है।
वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य वीडियो मिलने पर अज्ञात लोगों पर दर्ज मुकदमे में नाम जोड़े जाएंगे। इसमें सख्त कार्रवाई की जाएगी। ज्वलनशील पदार्थ के साथ सफर करने वालों की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। -हिमांशु शेखर उपाध्याय, सीपीआरओ, एनसीआर
आग से निपटने के इंतजामों की होगी जांच
उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक रविंद्र गोयल ने आग से बचाव के उपायों पर ध्यान देने के लिए स्टेशनों और ट्रेनों की मिशन मोड में गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं। रेलवे में फायर और स्मोक डिटेक्टर सेंसर की जांच करने और बचाव के इंतजामों को परखने, आग की दुर्घटना पर रेल कर्मचारियों की प्रतिक्रिया, कोचों में वायरिंग की जांच, वांछित स्थानों पर अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता, उनकी समाप्ति तिथि और उनके उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन की समीक्षा की जा रही है। इसके साथ मॉक ड्रिल करने के निर्देश दिए गए हैं।